उत्तराखंड के न्यायलयों की बढ़ाई जायेगी सुरक्षा।लगातार मिल रही धमकियों के बाद मुख्यालय से जारी हुए आदेश।पुलिस के साथ पीएसी होगी तैनात,हर जनपद में Quick Response Teams का गठन करने के आदेश

नरेन्द्र राठौर(खबर धमाक)। ईमेल के माध्यम उत्तराखंड के हाईकोर्ट समेत अन्य न्यायालयों को मिल रही धमकी के बाद पुलिस महकमा अलर्ट मोड़ पर आ गया। पुलिस मुख्यालय की तरफ से सम्पूर्ण प्रदेश में मौजूद न्यायलयों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत चैकिंग अभियान, सीसीटीवी कैमरे दुरूस्त रखने, न्यायलयों परिसऱों में पुलिस/पीएसी तैनात करने, बैरिकेडिंग लगाने के साथ आने/जाने वाले लोगों की पहचान की जाने के निर्देश जारी हुए हैं।

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पलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड
पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड द्वारा पूर्व में प्रदेश के समस्त जनपदों को माननीय न्यायाधीशों, माननीय न्यायालयों एवं न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराते हुए चिन्हित कमियों के त्वरित निराकरण हेतु निर्देश जारी किए गए थे।
इसी क्रम में न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ एवं अभेद्य बनाने हेतु अतिरिक्त निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं। 01-अपने-अपने जनपदों में स्थित समस्त न्यायालय परिसरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस/पीएसी बल को मय आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ नियुक्त किया जाये।
02- न्यायलयों के प्रवेश एवं निकासी द्वारों पर सम्बन्धित अधिकारियों से वार्ता कर पहचान पत्र के माध्यम से प्रवेश/निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये, ताकि कोई अनाधिकृत व्यक्ति मा० न्यायालय परिसरों में प्रवेश न कर सके।
03- न्यायालय परिसरों में बैरियर लगाकर एक्सेस कन्ट्रोल की व्यवस्था तथा प्रवेश द्वारों पर मा० न्यायालयों में आने वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, जिस हेतु स्थानीय अभिसूचना इकाई व अन्य पुलिस बल को नियुक्त किया जाये।
04- न्यायाधीशों एवं मा० न्यायालयों की सुरक्षा ड्यूटी में पूर्व से नियुक्त सुरक्षा कर्मियों को वर्तमान परिदृश्य में सुरक्षा संवेदनशीलता के प्रति सतर्क कर दिया जाये।
अपने-अपने जनपदों में Quick Response Teams को भी न्यायालय परिसरों के पास नियुक्त किया जाये।
05- न्यायालयों की कार्यवाही प्रारम्भ होने से पूर्व प्रातः काल में बम डिस्पोजल दस्ते एवं डॉग स्क्वाड से ए०एस० चैक की कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये।
06-न्यायालय परिसर में लगे सी0सी0टी0वी0 कैमरों से मॉनिटरिंग की जाये।मा० न्यायालय परिसरों में नियमित पैट्रोलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। ड्यूटी में नियुक्त कार्मिकों की नियमित रुप से चैकिंग सुनिश्चित की जाये।
उपरोक्त धमकियों के दृष्टिगत समय-समय पर मा० न्यायालय परिसरों में मॉक ड्रील और आपातकालीन निकास योजना बनायी जाये।
