उत्तराखंड

ऊधमसिंहनगर में एसटीएफ की जबरदस्त स्ट्राइक, मुटभेड़ के बाद यूपी का हथियार तस्कर दबोचा।गोपनीय इनपुट के बाद एसटीएफ के जाल में फसा हथियार तस्कर। 06 सेमी आटोमेटिक पिस्टल, तमंचे, कारतूस बरामद।कोटवर्ड में गाड़ी के नाम पिस्टल, कैप्सूल के नाम से देता था कारतूस।

नरेन्द्र राठौर
रुद्रपुर(खबर धमाका)। ऊधमसिंहनगर में अपने कार्यालय के उद्घाटन के बाद एसटीएफ ने जबरदस्त स्ट्राइक की है। टीम ने गोपनीय इनपुट के आधार पर बरा क्षेत्र में मुटभेड़ के बाद यूपी के बड़े हथियार तस्कर को आटोमेटिक पिस्टल,कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने हथियार तस्कर के तार कहा कहां जुड़े हैं,इसकी छानबीन कर रही है।
रुद्रपुर स्थित कार्यालय में एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने खुलासा करते हुए बताया की उत्तराखंड राज्य में बढ़ते अवैध हथियारों की तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के दिशा निर्देशन पर अवैध हथियारों के तस्करी मिरुद्र कार्यवाही के आदेश के क्रम में सीओ एसटीएफ कुमाऊँ सुमित पांडे एवं प्रभारी निरीक्षक एसटीएफ एमपी सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ व थाना पुलिस द्वारा एक इट अप्रेशन के तहत कार्यवाही करते हुए गत रात्रि धाना भट्टा क्षेत्र में एक बड़े अवैध हथियारों के तस्कर इस्त्यक उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया है जिसक कब्जे से 06 अवैध कन्ट्री मे पुलभट्टा में धारा 25 आर्म्स एक्ट व 307 आईपीसी के मुकदमा कराया गया है। उन्होंने बताया कि
गिरफ्तार आरोपी इस्त्याक उर्फ सोनू के बारे में उत्तराखण्ड एसटीएफ को रात्रि इनपुट मिला था कि वह हथियारों की बड़ी खेप लेकर उत्तराखण्ड की सीमा पर आ रहा है जिस पर एसटीएफ द्वारा स्थानीय पुलभट्टा पुलिस से सम्पर्क कर उन्हें साथ लेकर बरा क्षेत्र में उसकी घेराबन्दी की गयी, जैसे ही टीम के द्वारा उसको पकड़ने का प्रयास किया गया तो उसके द्वारा पुलिस के ऊपर फायरिंग शुरू कर दी। टीम के द्वारा आत्मरक्षा में जवाबी फायर करते हुए बदमाश को मौके पर ही दबोच गया। गिरफ्तार अपराधी ने पूछताछ में एसटीएफ को बताया कि वह वर्ष 2005 से हथियारों की तस्करी करता है वह के एटा कानपुर के मुरेना, राजस्थान के अल्बर से हथियार भगा कर उत्तराखण्ड, हरियाणा और पंजाब आदि राज्यों में सप्लाई करता आ रहा है. इसी के चलते उसके खिलाफ कई राज्यों में आर्म एक्ट के मुकदमे दर्ज है, इसके द्वारा अब तक करीब 400- पिस्टल रिवाल्वर की तस्करी व उससेर अभि ने बताया कि उन्होंने हवस की सप्लाई के लिए कोडवर्ड भी बना रखे हैं,ताकी फोन में किसी को शक ना हो, इसके लिए वह पिस्टल को (गाडी) व कारतूस कहता है पिस्टल उसे 30 हजार में मिलती है,जिसे वह आगे 40 हजार में बेचता था। एसटीएफ की इस मुख्य आरक्षी महेन्द्र गिरि और किशोर कुमार की विशेष भूमिका रही।
उन्होंने बताया की पकडा गया आरोपी बड़ा हथियार तस्कर है। उसके खिलाफ कई राज्यों में आर्म एक्ट में मुकदमे दर्ज है। पूछताछ में आरोपी के क्षेत्र के की लोगों से तार जुड़े होने की जानकारी मिली है, जिसपर जांच की जा रही है।
टीम में उपनिरीक्षक ब्रजभूषण गुरुरानी,आरक्षी किशोर कुमार, महेंद्र गिरी,गुरवंत सिंह, वीरेंद्र सिंह चौहान, अमरजीत सिंह, संजय कुमार,एसआई पवन जोशी,फिरोज खान, रविकांत शुक्ला मौजूद थे।