उत्तराखंड

और पुलिस की पैनीनजर से अपराधी बनने से बच गया निर्दोष।बीटेक पास ने किया था नबलिग से रेप।पुरानी रंजिश में पड़ोसी को फंसाने चहाता था पीड़ित पक्ष।सवाल उठाने वाले के लिए पेश किया उदाहरण, पुलिस की जमकर हो रही तारीफ 

नरेन्द्र राठौर

रुद्रपुर (खबर धमाका)। 50 वर्ष की उम्र में यदि आप  झूठे मामले में अपराधी बन जाए ,आप रेप जैसे मामलों में जेल जाए वो भी  बेकसूर होकर, ऐसे में आप परिवार, रिश्तेदार,समाज और देश को कैसे मुंह दिखायेंगे,यह कल्पना ही की जाती है। फिल्मों में अपने देखा होगा की रेप जैसे झूठे आरोप लगाने पर कितने लोगों ने जान दे दी थी, यानी की यह ऐसा आरोप है,जिसकी समाज में कोई जगह नहीं है। ऊधमसिंहनगर के ट्रांजिट थाना क्षेत्र में रेप की ऐसी ही घटना समाने आयी है। 50 साल के एक सख्स पर लगे आरोप के पुलिस की जांच में झूठे पाये गए हैं। जिसके बाद ने नाबालिग से हुए रेप की घटना में पुलिस ने एक बेकसूर को बचाकर असली आरोपी को खोज निकाला है।पकड़ा गया आरोपी बीटेक पास बताया जाता है। पुलिस की इस मामले में जमकर तारीफ हो रही है,तो उन लोगों के उदाहरण भी पेश किया है,जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं।

दरासल ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में पिछले माह एक 12 वर्ष की नबलिग बालिक से रेप का मामला समाने आया था, बालिका के परिजनों ने पड़ोस में रह रहे एक 55 वर्ष के एक व्यक्ति पर उनकी बेटी को साइकिल पर बैठाकर ले जाने और रेप करने के आरोप लगाया थे। थानाध्यक्ष ट्रांजिट कैंप निरीक्षक सुन्दरम शर्मा के मुताबिक तत्काल मामला दर्ज कर जांच एसआई नेहा ध्यानी को सौंपी गयी,जांच के दौरान पता चला पता चला की घटना का जो समय बताया गया है,उस समय आरोपी सिडकुल की फैक्ट्री में ड्यूटी पर था, कंपनी में लगे सीसीटीवी कैमरे इसके गवाह थे,जांच में आरोपी के डुयूटी पर होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस संसय में फस गयी। थानाध्यक्ष सुन्दरम शर्मा की मुताबिक नमजद को गिरफ्तार करने के लिए उनके ऊपर लगातार दबाव भी बनाया जा रहा था, लेकिन कोई बेकसूर साजिश में अपराधी न बन पाए इसलिए वह किसी के दबाव में नहीं आए और न ही कोई जल्दबाजी की। जांच अधिकारी की रिपोर्ट अधिकारियों से साझा कर मंथन किया गया,जांच में यह भी पता चला की जिस व्यक्ति पर नबलिग से रेप के आरोप लगे हैं, उससे पीड़ित पक्ष का पुराना विवाद था।जिससे उसे फंसाने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे और वादी पक्ष की काल डिटेल खंगाली गयी, जिसमें पता चला की नाबलिग को पडोस में ही किराय पर रहा यूपी के जालिम नगला भोजपुरा निवासी सुमित नाम का व्यक्ति साइकिल पर बैठाकर ले गया था। और उसने रेप की घटना को अंज़ाम दिया था,जिसे पुलिस ने पुष्टि होने के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी जिस बालिका से रेप किया है, उसके घर के पीछे ही रहता था। उसने छत पर चढ़कर बालिका को फोन देकर व अन्य लालच दोस्ती की कौर फिर उसको बहार ले जाकर रेप कर दिया।

एसपी क्राइम चंद्रशेखर घोड़के के बताया की किसी भी घटना में कोई निर्दोष गुनाहगार न बने इसके लिए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए जाते हैं। ट्रांजिट कैंप में हुई रेप की घटना में पुलिस ने इसका उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहां की घटनाओं के बाद लोग अक्सर पुलिस पर आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का दबाव बनाते हैं, लेकिन पुलिस कोई निर्दोष गुनाहगार न बने इसके लिए पूरी जांच पड़ताल करती है। उन्होंने ट्रांजिट पुलिस की रेप की घटना में दूध का दूध और पानी का पानी करने पर जांच अधिकारी नेहा ध्यानी, थानाध्यक्ष सुन्दरम शर्मा, सीओं अनुशा बडोला और पूरी टीम की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा की ऐसे खुलासे पुलिस के लोगों में भरोसा कायम करने के उदाहरण है। इधर ट्रांजिट कैंप पुलिस की निर्दोष को बचाकर असली आरोपी को गिरफ्तार करने की कार्यवाही की जमकर सराहना हो रही है।