खटीमा में 80 लाख की ठगी में दो गिरफ्तार।मैच्युल बैनिफिट कंपनी खोलकर जमा कराई थी धनराशि। वापसी से पहले कंपनी बंद कर चल रहे थे फरार

नरेन्द्र राठौर

रुद्रपुर (खबर धमाका)। ऊधमसिंहनगर के खटीमा पुलिस ने मैच्युल बैनिफिट कंपनी खोलकर लोगों से 80 लाख की ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। इस मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर फरवरी 2022 में कंपनी के छह लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था।
बानूसी गांव के सत्यपाल सिंह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि सरमाउंट फार्मिग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सरमाउंट इंडिया निधि लिमिटेड एवं सरमाउंट मैच्युअल बैनिफिट निधि के नाम से जगह-जगह कंपनी खोलकर लोगों से एजेंटों के माध्यम से करीब 80 लाख की धनराशि जमा करवायी। धनराशि वापस न कर उनके साथ धोखाधड़ी की। इसके बाद आरोपी कंपनी को बंद कर फरार हो गए। फोन कर जब उनसे पैसा मांगा गया तो उन्हें गाली-गलोज व जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर 21 फरवरी 2022 को उत्तर प्रदेश मुरादाबाद कुंदनपुर मझोला रामलीला मैदान निवासी ओमपाल सिंह, गांधी आश्रम लाईनपुर कुंदनपुर मुरादाबाद निवासी फूल सिंह, कुंदनपुर रामलीला मैदान निवासी ललिता देवी, मुरादाबाद कटघर मिश्रा डिपाटमेंट के सुशील कुमार, शहपुर के भगवानदास, लाइनपार मझोली नेशनल बैंक मुरादाबाद के राधेश्याम के विरुद्ध धारा 420, 504 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। रविवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी वीर सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में एक टीम गठित की गई थी। जो लगागार उनकी गिरफ्तारी दबिश दे रही थी। इस बीच सूचना मिली कि आरोपी क्षेत्र में घूम रहे है। इस पर घेराबंदी कर शनिवार को आरोपी मुरादाबाद शिव मंदिर रामलीला मैदान कुंदनपुर निवासी ओमपाल व मुरादाबाद प्रकाश नगर चौराहा प्रथमा बैंक लाईनपार निवासी फूल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने कंपनी खोलकर धन वृद्धि का लालच देकर लोगों से करीब 80 लाख रूपये की धोखाधड़ी किया जाना पाया गया है। सीओ सिंह ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय पेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। टीम में कोतवाल नरेश चौहान, एसएसआई अशोक कुमार, उपनिरीक्षक ललित बिष्ट, आरक्षी त्रिभुवन पलडिया, भूपेंद्र कुमार, दीपक कठैत आदि मौजूद थे।
