रुद्रपुर में नगर निगम का निर्माणाधीन सभागार फिर विवादों में। कौन करेगा 1.80 करोड़ के जुर्माने की भरपाई! पूर्व सभासद रामबाबू ने फिर खोला मोर्चा बोले नगर आयुक्त से की जाए जुर्माने की वसूली डीडीए की भूमिका पर भी सवाल,बगैर जुर्माना वसूले दे दी निर्माण की अनुमति

नरेन्द्र राठौर
रुद्रपुर (खबर धमाका)। महानगर में करोड़ों की लागत से बनने वाला नगर निगम का सभागार फिर विवादों में घिर गया है। मामले में नगर आयुक्त,मेयर और डीडीए,जिला प्रशासन सभी की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं, पूर्व सभासद ने इसको लेकर मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त, डीएम समेत अन्य बड़े अधिकारियों को पत्र भेजकर नगर निगम के सभागार में हुई वित्तीय अनियमितताओं पर जांच की कर आरोपी पर कार्यवाही की मांग की है।

पूर्व सभासद व आरटीआई कार्यकर्ता रामबाबू की मानें तो पिछले वर्ष नगर आयुक्त विशाल मिश्रा और मेयर रामपाल सिंह ने मिलकर सरकारी नजूल भूमि पर विना स्वीकृति के ही पांच करोड़ की लागत से सभागार का निर्माण शुरू कर दिया।, जबकि नगर आयुक्त ने तो यह भूमि फ्री होल्ड कराई थी और न ही इसका डीडीए से नक्शा स्वीकृत कराया गया था,यह अपने आप में बड़ी वित्तीय अनियमितताओं थी। इसका मामले को उनके द्वारा उठाए जाने के बाद डीडीए ने नोटिस जारी कर निर्माण बंद करा दिया था, जिससे साफ हो गया था की उनका आरोप सही था,इधर डीडीए की कार्यवाही के कुछ दिनों पूर्व सभागार का निर्माण फिर शुरू हो गया। उन्होंने पड़ताल की तो पता चला की नगर निगम की तरफ से जमीन फ्री होल्ड कराई थी गयी है, जबकि जिस समय डीडीए ने कार्यवाही की थी उस समय सरकार की फ्रीहोल्ड प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी,नगर आयुक्त ने अपनी पावर का ग़लत इस्तेमाल कर जमीन को फ्री होल्ड कराया गया। इधर डीडीए से भवन का कंपाउंड कराया है, जिसमें 1.80 करोड़ रुपया का खर्च है, जिसमें 1.55 करोड़ का जुर्माना शामिल हैं,यानी के सभागार के निर्माण से पहले नक्शा स्वीकृत होता तो सिर्फ 25 लाख रुपया में नक्शा बन जाता। इधर बताया जा रहा की भवन को कंपाउंड कराने में जो खर्चा आया वह पैसा निगम की तरफ से जमा नहीं किया गया है। सवाल यह की भवन को कंपाउंड कराने में लगा 1.55 करोड़ का जुर्माना कौन भरेगा, डीडीए ने बैगर पैसा लिए बीच भवन को बनाने की अनुमति कैसे दे दी। यदि डीडीए नगर पर इतना मैहरवान है,तो फिर यही सहुलियत आम जनता को क्यों नहीं दी जाती। पूर्व सभासद ने पूरे प्रकरण में नगर आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाने के साथ ही नक्शा पास कराने में लगे जुर्माने की धनराशि वसूलने की भी मांग की है। उन्होंने कहा की यदि भष्टाचार के इस मामले में कार्यवाही नहीं हुई तो मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
