उधमसिंह नगर

है भगवान, इंसान क्या भगवान नहीं पढ़ पायेंगे नबंर! ओवरलोड वाहनों के नंबरों में हो रहा खेल।खनन में लगे डंपरों के नंबरों में छेड़छाड़ के पीछे छिपी है बड़ी वजह! हादसे के बाद पकड़ना हो जाता है मुश्किल

नरेन्द्र राठौर

रुद्रपुर (खबर धमाका)। गुरुवार को ऊधमसिंहनगर के जिला मुख्यालय पर सीओं सिटी आनुशा बडोला तीन ओवर लोड डंफर पकड़कर सीच कर दिए। इन डंपरों में मानक से ज्यादा खनन तो था ही,ऊपर से दो डंपरों के नम्बर पड़ने में पसीना छूट गया।एक डंफर के नम्बर हीं गयाब थे,तो कहीं पर कालिख पुती हुई थी,आगे से पड़े नम्बरों की प्लेट तो पूरी तरह मुडी हुई थी, यानी के यदि खडी गाडी के नंबर भी पड़ने है तो पसीना छूटना तय था,यही हाल अन्य गाड़ियों का भी था, सवाल यह की सड़कों पर यमराज बनकर दौड़ रही खनन से भरे डंपरों में नंबरों से छेड़छाड़ महज इस्फाक है,या फिर खनन से जुड़े लोगों इसमें खेल कर रहे, सवाल यह भी है की सड़कों पर तैनात पुलिसकर्मियों को ऐसे वाहन नजर क्यों नहीं आते, पिछले दिनों एआरटीओं विपिन कुमार ने गदरपुर के पास एक डंफर पकड़ा था, जांच में पता चला की डंफर पर जो नंबर अंकित है,उस नबंर का डंफर दूसरे जिले में चल रहा है,यानी के डंफर पर नंबर फर्जी था, फिर भी वह न जाने कब से सड़कों पर दौड़ लगा रहा था,जिसे पुलिस ने कभी नहीं रोका। हादसे के बाद नबंरो से छेड़छाड़ करने वाले वाहन पकड़ना मुश्किल हो जाता है,यह तकके सड़कों पर जगह जगह लगे सीसीटीवी कैमरे भी इन वाहनों को पकड़ने में फेल हो रहे हैं।

इससे पहले भी फर्जी नंबर से डंपरों के संचालक की खबर समाने आती रही है। मिट्टी और खनन में लगे वाहनों के नंबरों में होती छेड़छाड़ आम बात हो चुकी है।

जानकारों की मानें तो मिट्टी खनन और रेता खनन में लगे ज्यादातर वाहन सरकार को बड़ा चूना लगा रहे हैं,तो हादसों को भी दावत दे रहे, हादसे के बाद इन वाहनों के फर्जी नंबर होने से पकड़ में भी नहीं आते।

इधर जानकारों की मानें तो पुलिस की इन वाहनों पर बड़ी मेहरबानी है, पुलिस की मेहरवानी से ही यह फर्राटा भरते हैं। सड़कों और चौराहों पर खड़ी पुलिस यूंतो अन्य वाहनों का चालान करती है, लेकिन ओवरलोड वाहनों और नबंरो में फर्जीवाड़ा करने वाले वाहनों पर आंखें मूंद लेती है। जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लाजमी है।