तो लोकसभा चुनाव के साथ होंगे निकाय चुनाव!शहरी विकास सचिव के हाईकोर्ट में दायर हलफनामे से खड़ी सम्भावना।पढे पूरी खबर,क्यों खड़ी हुई नौवत

नरेन्द्र राठौर रुद्रपुर (खबर धमाका)। उत्तराखंड में निकाय चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ हो सकते हैं। इसकी पूरी सम्भावना है। शहरी विकास सचिव का हाईकोर्ट में दायर हलफनामा के बाद इसकी नऔवत खड़ी हो गई


गौरतलब की कि उत्तराखंड में निकायों का कार्यकाल नबंर 2023 में पूरा हो चुका है। सरकार ने समय रहते चुनाव न कराकर सभी नगर निगम,पालिकाओं और नगर पंचायतों में प्रशासक बैठा दिया है। समय से चुनाव न होने को लेकर विपक्ष सरकार को लगातार घेर रहा है। इधर मीडिया से जुड़े पंडितों की मानें तो लोकसभा चुनाव से पहले निकाय चुनाव में हार के डर से सरकार ने निकाय चुनाव आगे बढ़ाने का खेल खेला है, हालाकि सरका चुनाव की तैयारी न होने की दलील देती है।
इधर मंगलवार को शहरी सचिव ने हाईकोर्ट में छः माह के भीतर निकाय चुनाव कराने का हलफनामा दाखिल किया है। सचिव के बयान को कोर्ट ने रिकार्ड में लिया।मतलब साफ है कि जुलाई तक सरकार को निकाय चुनाव कराने ही होंगे।
इधर जानकारों की मानें तो सरकार लोकसभा चुनाव के साथ निकाय चुनाव करा सकती है। इसकी बजह भी है। क्योंकि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रेल के पहले सप्ताह में लग सकती है।देशभर में लोकसभा चुनाव अलग-अलग चरणों में होंगे, जिसमें दो तीन माह का समय लगेगा।यानी जून के अंत तक या जुलाई में लोकसभा चुनाव सम्पन्न होंगे। ऐसे उत्तराखंड में यदि सरकार ने लोकसभा चुनावों के साथ निकाय चुनाव नहीं कराए तो सरकार के समाने मुश्किल खड़ी हो सकती है। सरकार के पास हाईकोर्ट से किया गया वायदा पूरा करने का दूसरा विकल्प भी नहीं होगा
ऐसे में पूरी सम्भावना है कि सरकार लोकसभा के साथ निकाय चुनाव एक साथ करा दे।