शक्ति बिहार में लोगों के साथ हुई है बड़ी धोखाधड़ी!अटरिया मंदिर के सचिव ने लगाया आरोप!बोले सड़कों की रजिस्ट्री कर हमारी जमीन पर कराए गए अवैध कब्जे।

नरेन्द्र राठौर

रुद्रपुर(खबर धमाका)। शहर की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित कालौनी शक्ति बिहार में लोगों के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है। कालौनी काटने वालों ने सड़कों और पार्कों की जमीन की रजिस्ट्री करके ग्राहकों को उनकी जमीन पर कब्जा करा दिया है। शक्ति बिहार की पूरी जमीन की पैमाइश होनी चाहिए।
यह बात सोमवार को अटरिया मंदिर कमेटी के सचिव अरविंद शर्मा ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 में वार्ड 16 जगतपुरा शक्ति बिहार कालौनी में प्रशासन की तरफ से उसके पति भोलानाथ शर्मा के नाम भूमि खतौनी संख्या 00660 के खसरा संख्या 115/3/1 में 0.4050 हेक्टेयर जमीन का जमीन का पट्टा दिया था। जिसके बाद जमीन उनके कब्जे में वह खेती कर रही है। कुछ वर्ष बाद उसके पिता की मौत हो गई तो जमीन उसकी मां व उसके तीन भाईयों के नाम पर आ गई। अरविंद मुताबिक पिता की मौत के बाद उसका परिवार पूरी तरह टूट गया था,इसी दौरान वह एक मामले में जेल चला गया, जिससे परिवार मुसीबत में पड़ गया,वह जमीन की देखरेख नहीं कर सके। आरोप है कि इस दौरान उसकी जमीन पर कमल पाण्डेय, किशोर शर्मा, अरुण शर्मा,केसव शर्मा नामक व्यक्तियों ने कब्जा कर उसे खुर्द-बुर्द करना शुरू कर दिया।
पिछले दिनों जब उसके परिवार ने अपने दस्तावेज देखें तो उसे अपनी जमीन की जानकारी हुई। मौके पर जाकर देखा तो उसकी जमीन पर निर्माण चल रहा था, उन्होंने इसको लेकर विरोध किया तो उपरोक्त लोग उसने साथ मारपीट पर उतारू हो गए। जिसके बाद उनकी तरफ से सिविल जज (सी.डी) रुद्रपुर की आदालत में वाद दायर किया गया। उसके दास्तावेजो के आधार पर कोर्ट तत्काल स्थागन आदेश पारित किया है। इधर कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर निर्माण रुकवा दिया है। इधर तहसील प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है। उपरोक्त लोगों ने शक्ति बिहार कालौनी भी काटी है। शक्ति बिहार कालौनी की जमीन भी इन्हें पट्टे में मिली थी, लेकिन मिलीभगत करके उपरोक्त लोगों ने जमीन को भूमिधरी करा लिया था।मंहत की जमीन पर हो रहे निर्माण के मामले में भी हैरान करने की बात सामने आई है। अरविंद शर्मा की मानें तो उनकी पर जो व्यक्ति निर्माण कर रहा है, उसे दूसरी खाते की जमीन की रजिस्ट्री की गई है,और कब्जा उसकी जमीन पर दिया गया है। उन्होंने कहा उसकी जमीन पर कब्जा करने वाले अपनी यानी शक्ति बिहार की सड़कों और पार्कों की रजिस्ट्री करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शक्ति बिहार में करोड़ों की जमीन को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई है। उसके द्वारा मामला उठाने के बाद लोगों डरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी तरफ प्रशासन से अटरिया मंदिर की पूरी जमीन की पैमाइश करने की मांग की गई है। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उन्होंने कहा कि जमीन में हुए खेल का खुलासा होने के बाद आरोपी मेरे खिलाफ गलत बयान बाजी कर रहे हैं। जिसका उन्हें अधिकार नहीं है। आरोपी खुद कई गंभीर मुदकमें में फंसे हुए हैं।
