उत्तराखंड

उसने पहले भी खूब चलाई है गोलियां। अस्सिटेंट कमिश्नर जीएसटी ने खोला पत्रकारों पर पिस्टल तानने वालों का राज।फिर भी दिनदहाड़े दुस्साहस करने वाले पर पुलिस मेहरबान।आडियो में सुने पूरी बात

नरेन्द्र राठौर 

रुद्रपुर (खबर धमाका)। सोमवार को एसएसपी कार्यालय के पास दो पत्रकारों के साथ हुई दुस्साहस भरी घटना को पुलिस गंभीरता से नहीं ले रही। 24 घंटे से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी पुलिस ने अभी आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर अभी तक मुकदमा तक दर्ज नहीं किया है।

इधर आरोपियों के मददगार पत्रकारों पर लगातार समझौते का दबाव बना रहे, पत्रकारों को धमकाने की भी कोशिश हो रही,ऐसी ही एक फोन रिकॉर्डिंग समाने आई है। करीब पांच मिनट की आडियो में देहरादून में तैनात अस्सिटेंट कमिश्नर जीएसटी कुमाऊं युवा प्रेस क्लब के अध्यक्ष व घटना के पीडित सौरभ गंगवार को फोन करता है, पहले वह हाल पूछता और सोमवार को दिन दहाड़े पत्रकारों पर पिस्टल टेकनें की घटना पर आ आ जाता है, कहता आकाश राणा उसका दोस्त है, यूपी में उसके कई बड़े नेताओं से सम्बंध रहे हैं, उसने पहले खूब गोलियां चलाई है, अब क्या करना है, चलों समझौता करा देते हैं।पत्रकार सौरभ कहता है कि आप जैसे अधिकारी अपराधियों से सम्पर्क रखते हो,जो दिन दहाड़े पत्रकारों पर मामूली से बात पिस्टल तान रहा है, अस्सिटेंट कमिश्नर फिर समझौते की बात कहने लगता है, लेकिन पत्रकार के आक्रमक रुख को देखकर वह बैकफुट पर आ जाता है। ऐसे कई लोगों के भी पीड़ित पत्रकारों के पास फोन आ रहे, लेकिन ऊधमसिंहनगर के एसएसपी मंजूनाथ टीसी को ऐसे अपराधी दोस्त नजर आ रहे हैं। दिन दहाड़े हुई घटना पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है, पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई की जगह समझौता का करने में दिलचस्पी दिखा रही है,आलम यह कि पिस्टल को भी लैटर बनाने में जोर लगाया जा रहा, जबकि आरोपियों के पास मौजूद दो अन्य पिस्टल लाइसेंसी थी या अवैध उसपर कोई जबाब नहीं दिया जा रहा है।