उधमसिंह नगर

पंचायत चुनाव,प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद।रिजल्ट से प्रत्याशियों के साथ ही इन नेताओं की जमीनी हकीकत का भी होगा आकलन।हार हुई तो 2027 के लिए बजेगी खतरे की घंटी

रुद्रपुर(खबर धमाका)। उत्तराखंड में पंचायत चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गया है। विभिन्न पदों पर चुनाव लड रहे प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो चुका है। जिसका फैसला 40 घंटे बाद आना शुरू हो जायेगा।

ऊधमसिंहनगर की बात करें तो आधा दर्जन ऐसी सीटें है, जिनपर भाजपा, कांग्रेस और पूर्व के जनप्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा भी जुड़ी है, यानी के कुछ सीटों पर हार और जीत से भाजपा और कांग्रेस के विधायक,मेयर, पूर्व विधायक की जमीनी पकड़ का आकलन किया जायेगा।

इन सीटों में जिला पंचायत सदस्य पद की दोपहरिया, प्रतापपुर, भगा,खानपुर पूर्व,कुरैया समेत तमाम सीटें शामिल हैं। खानपुर पूर्व की बात करें यह क्षेत्र रुद्रपुर विधानसभा में लगता है।यह पर भाजपा की तरफ से अमिता विश्वास को निर्दलीय प्रत्याशी सुषमा ने सीधी चुनौती दी है। सुषमा को पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने सीधे चुनाव लड़ाया है,तो अमित के लिए विधायक शिव अरोरा ने खूब पसीना बहाया है।

इसके बाद कुरैया, प्रतापपुर, दोपहरिया सीट की बात करें तो कुरैया सीट का कुछ हिस्सा रुद्रपुर तो कुछ हिस्सा किच्छा विधानसभा में लगता है।इन तीनों सीटों पर कांग्रेस के लिए किच्छा विधायक तिलक राज बेहड ने खूब मेहनत की है।इन तीनों सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के लिए रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा, महापौर विकास शर्मा, किच्छा से पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने पूरी ताकत झोंक दी थी। दोपहरिया, प्रतापपुर और कुरैया सीट की बात करें तो पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और किच्छा के विधायक पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड की प्रतिष्ठा इन तीनों सीटों पर जुड़ी है। लोगों के रुझान की बात करें तो खानपुर पूर्व, दोपहरिया, प्रतापपुर,कुरैया सभी सीटों पर भाजपा के मुकाबले कांग्रेस बीस नजर आ रही है। हालाकी अधिकांश मतदाताओं की खामोशी भाजपा के लिए अच्छी खबर समाने लगा सकती है।

इधर भगा सीट की बात करें तो इस सीट पिछले 23 वर्ष जिला पंचायत अध्यक्ष पद काबिज गंगवार परिवार और सरकार में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है।एक तरफ गंगवार परिवार युवराज सुरेश गंगवार अपनी अजय जीत को बनाने में जुटे हैं तो दूसरी तरफ कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा गंगवार परिवार का किला ध्वस्त करने को पूरी कोशिश कर रहे हैं।

इन सभी पर नतीजे क्या आयेंगे यह देखने वाली बात होगी, लेकिन जीत के बाद सभी सीटों का नतीजा वहां के उन प्रतिनिधियों की जमीनी हकीकत पेश करेगी,जो 2027 का चुनाव लडने की तैयारी कर रहे हैं। उनके दावे भी सच्चाई भी पंचायत चुनाव के परिणामों से साफ हो जायेगा। खानपुर पूर्व सीट पर यदि निर्दलीय प्रत्याशी सुषमा की जीत हुई तो यह ठुकराल के लिए संजीवनी बनेगी,वहीं प्रतापपुर, दोपहरिया,और कुरैया सीट पर भाजपा जीती तो पिछले बार चुनाव हारे पूर्व विधायक शुक्ला के लिए नई उम्मीद लेकर आयेगी।

भगा सीट पर भी कहीं न कहीं गंगवार परिवार का भविष्य जुड़ा है। यदि गंगवार परिवार की रेनू गंगवार जीतो तो फिर वह जिला पंचायत अध्यक्ष पद की हैट्रिक लगा सकती है,वहीं कैबिनेट मंत्री सौरभ के लिए यह बड़ा झटका साबि

त होगा।