उधमसिंह नगर

पंचायत चुनाव: देखिए जनता की कासौटी कौन हुआ पास,कौन हुआ फेल!किच्छा और रुद्रपुर की चार सीटों पर भाजपा क्लीन बोल्ड।नतीजों से हुआ साफ,धरातल की अनदेखी और हवा-हवाई वयानबाजी से नहीं चलेगा काम।महापौर का बयान भी हुआ मील का पत्थर साबित 

रुद्रपुर(खबर धमाका)। उत्तराखंड में हुए पंचायत चुनाव के नतीजे आ गए हैं। समाने आए नतीजों में निर्दलीय और कांग्रेस की बल्ले-बल्ले हुई है,तो सत्ता पक्ष क्लीन बोल्ड हुआ है। यानी ऊधमसिंहनगर में गांव की जनता ने भाजपा का नाकार दिया है। नतीजों से जनपद के की नेताओं ने अपनी ताकत एहसास कराया है,तो सत्ता पक्ष के बड़े बड़े हवा हवाई बयान देने नेताओं को आईना दिखा दिया है।

ऊधमसिंहनगर की खानपुर पूर्व,कुरैया, प्रतापपुर और दोपहरिया सीट की बात करें तो चारों सीट रुद्रपुर और किच्छा विधानसभा क्षेत्र में पढ़ती है। इन चारों सीटों पर भाजपा क्लीन बोल्ड हुई है। खानपुर पूर्व पर निर्दलीय सुषमा हाल्दर ने आठ हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है।इस सीट पर एक तरफ भाजपा विधायक शिव अरोरा ने पूरी ताकत झोंकी थी तो दूसरी तरफ पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने सुषमा का साथ देकर मजबूती प्रदान की थी।इस सीट पर सुषमा की बड़ी जीत हुई है।इधर कुरैया सीट जो रुद्रपुर और किच्छा दोनों विधानसभाओं में पड़ती है।इस सीट भाजपा के रुद्रपुर विधायक, महापौर विकास शर्मा, किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला,जिलाध्यक्ष कमल जिंदल समेत तमाम नेताओं ने दिन रात एक दी थी, लेकिन नतीजों ने सभी को नकार दिया है। यह पर कांग्रेस की सुनीता सिंह सब पर भारी पड़ी है। इस सीट पर भाजपा की तरफ से उतरी गई कोमल चौधरी के बहारी प्रत्याशी होने का शुरू से बड़ा मुद्दा बना था। प्रचार के दौरान महापौर विकास शर्मा का किच्छा विधायक के खिलाफ बयान काफी सुर्खियों में रहा। किच्छा विधायक ने अपनी सभी सभाओं में इस वयान को मुद्दा बनाकर जनता से पूरी सिम्पैथी लेने की कोशिश की थी, परिणामों में इसका असर भी साफ देखा गया। परिणाम समाने है कुरैया, प्रतापपुर और दोपहरिया तीनों सीटों पर बेहड का डंका बज गया है।

इधर किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की बात करें किच्छा में उनका कद कांग्रेस विधायक तिलक राज बेस्ड के समाने छोटा पड़ता जा रहा है। जनता बेहड के मुकाबले उनके बयान को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रही है,यह बात पंचायत चुनाव के नतीजों से साफ हो गई है।

इधर राजनीति और मीडिया से जुड़े दिग्गजों के आकलन की बात करें तो सभी कहीं न कहीं यह कहते नजर आ रहे कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने एक तरफ टिकट वितरण में जमीन जुड़े लोगों की अनदेखी की है,तो धरातल की जगह वह सिर्फ हवा हवाई बयान सक सीमित हो गए हैं।ग्रमीण क्षेत्र की जनता से उनका जुड़ाव खत्म है। जबकि कांग्रेस आज भी ग्रामीण क्षेत्रों की जनता से जुडी है। लेकिन अब यह सब नहीं चलने वाला है। जनता ने ऐसी कमरों में बैठकर हवा हवाई बयान देने और कागजों पर काम गिनाने वाले जनप्रतिनिधियों को जमीन पर पटक दिया है।

कुल मिलाकर रुद्रपुर और किच्छा विधानसभा की चार सीटों पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और किच्छा विधायक तिलक राज बेहड पास हुए हैं तो जनता ने रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा, किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, महापौर विकास शर्मा जैसे जनप्रतिनिधियों को नकार दिया है।