खुद को मठाधीश ना समझे SHOs और SO’sअपराधों पर लगाए प्रभावी अंकुश प्रभावी अंकुश,आईजी कुमायूँ पुलिस की अपराध समीक्षा बैठक। अधीनस्थों को, आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने दिए कड़े निर्देश आपराधिक घटनाओं में लापरवाही बरतने पर संबंधित थाना प्रभारी के विरुद्ध 24 घंटे के भीतर की जाएगी कठोर दंडात्मक कार्यवाही

हल्द्वानी(खबर धमाका)। पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ परिक्षेत्र श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हल्द्वानी में अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित हुई। बैठक में कुमायूँ रेंज के सभी एसएसपी/एसपी, राजपत्रित अधिकारी एवं क्षेत्राधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों का निस्तारण, महिला शवों की शिनाख्त, गुमशुदगी, नशा विरोधी अभियान, विवेचना की गुणवत्ता और आगामी त्योहारों व छात्रसंघ चुनावों की कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अज्ञात महिला शवों की शिनाख्त,लंबित वाहनों का निस्तारण, एनडीपीएस मालों का निस्तारण, गुमशुदा महिलाएँ/बालिकाएँ एवं केस ऑफिसर स्कीम के तहत गुमशुदगी मामलों को Top Priority पर रखते हुए केस ऑफिसर स्कीम लागू करने के निर्देश।
आईजी ने थाना स्तर पर Dedicated Officer नियुक्त करने को कहा गया।उन्होंने “हर बेटी सुरक्षित घर लौटे – यही पुलिस का संकल्प है।
उन्होंने विवेचना, क्षेत्राधिकारियों का कार्य एवं O.R.लंबित विवेचनाओं पर नाराजगी जताई और कहा – “बहाने नहीं, नतीजे चाहिए।प्रत्येक क्षेत्राधिकारी को साप्ताहिक O.R. बैठक आयोजित कर विवेचनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का आदेश।
अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड महोदय के गोष्ठी के क्रम में 6 माह से अधिक लम्बित विवेचना, शिकायती प्रार्थना पत्र एवं विभागीय जाँचों का 15 दिवस में निस्तारित करने के आदेश
बैठक में उपस्थिति श् प्रहलाद नारायण मीणा (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नैनीताल) ऑनलाईन, मणिकान्त मिश्रा (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ऊधमसिंहनगर) देवेन्द्र पींचा (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अल्मोड़ा) अजय गणपति (पुलिस अधीक्षक, चम्पावत) श्रीमती रेखा यादव (पुलिस अधीक्षक, पिथौरागढ़) चन्द्रशेखर घोडके(पुलिस अधीक्षक, बागेश्वर) सुश्री निहारिका तोमर (एसपी क्राइम रुद्रपुर) तथा अन्य राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे ।
इससे पूर्व आईजी महोदया ने सभी थाना प्रभारियों के साथ ऑनलाइन गोष्ठी लेकर आगामी छात्र संघ चुनाव, नन्दा अष्टमी एवं वारावफात के दौरान शांति व सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के कड़े निर्देश दिये।

