पीएम,राष्ट्रपति और डीजीपी।एक लेटर ने खोल दी रुद्रपुर के पुराने स्कूल की पोल।गुरु-शिष्य की परम्परा हुई कलंकित तीन माह से जांच दवाएं बैठी है पुलिस, स्कूल प्रबंधक कार्यवाही के बजाए कर रहा खानापूर्ति

रुद्रपुर(खबर धमाका)। रुद्रपुर में एक लेटर पिछले तीन दिन से वायरल हो रहा है। यह लेटर कोई मामूली लेटर नहीं है।शहर के एक पुराने स्कूल की छात्रा अपनी सहेली के साथ हुई घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति और उत्तराखंड के डीजीपी को लिखा है। पत्र में यदि सच्चाई है तो फिर यह हर अभिभावक के लिए चिंता भरा पत्र है। क्योंकि इस पत्र में छात्रा ने अपनी सहेली को स्कूल के शिक्षक द्वारा प्रेमजाल में फंसाकर उसकी अस्मत लूटने की कहानी है। मामला इतना ही नहीं छात्रा की छात्रा शादी से पहले ही ही मां बनने की दहलीज पर पहुंची है, जिसके बाद उसने मौत को गले लगा लिया है। हालंकि छात्रा के परिजन लोकलाज के भय से खामोश है,इधर पुलिस पिछले तीन माह से पूरे मामले को जांच के नाम पर दबाए बैठी है।

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शोसल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पत्र में एक छात्रा ने रुद्रपुर के बड़े और स्कूल का नाम लेते हुए लिखा उसकी सहेली जो इसी स्कूल में 12 वीं की छात्रा थी,उसे स्कूल के दो शिक्षक ने अच्छे नंबर देने का वाहन बनाकर प्रेमजाल में फसा लिया, इसके बाद शिक्षक ने उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने भी शुरू कर दिए, मामला यहीं नहीं रुका उसकी सहेली मां बनने की दहलीज तक पहुंची तो उसके समाने मुसीबत खड़ी हो, मामला जब खुलने लगा तो उसकी सहेली ने आत्महत्या कर ली।यह पूरा मामला भी माह का बताया जा रहा है। जिसके बाद परिजनों ने चुपचाप उसका अंतिम संस्कार कर दिया। छात्र ने लिखे पत्र कहा कि शिक्षक और छात्रा के बीच हुई चैटिंग और काल डीटेल की जांच में सब कुछ साफ़ हो जायेगा। बताया जा रहा कि मृतक छात्रा की सहेली द्वारा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और डीजीपी को भेजें गए पत्र पर जांच के लिए मुख्य शिक्षाधिकारी और एसएसपी कार्यालय को निर्देश भी मिले हैं, एसएसपी कार्यालय की तरफ से यह जांच सीओं सिटी को सौंपी गई है, लेकिन तीन माह से यह जांच कागजों में ही धूल फांक रही है, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी ने जिस स्कूल के शिक्षकों पर यह आरोप लगे हैं,उस स्कूल से ही जांच कराई है, जिसमें स्कूल प्रबंधन अपने शिक्षकों को बचाने में जुटा है।
आरोप बहुत बड़े हैं, क्योंकि आज देश का हर अभिभावक अपनी बेटियों को शिक्षा के लिए स्कूलों में भेजता है,उसे पता कि स्कूलों में उनकी बेटियां सुरक्षित है, लेकिन रुद्रपुर के इस स्कूल ने अभिभावकों का भरोसा तोड दिया हे।
