उधमसिंह नगर

16 वर्ष बाद टूटा पूर्व विधायक ठुकराल का वनवास!बेहड की रामलीला में पहली बार निमंत्रण के बाद मंच किया साझा।लोग निकल रहे कई मायने, हकीकत आने वाले समय में आयेगी समाने

रुद्रपुर(खबर धमाका)। शहर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का 16 वर्ष के बाद वनवास टूट गया है।शहर की मुख्य रामलीला में जो सम्मान उन्हें दो वार विधायक रहते नहीं मिला है,वो सम्मान इस बार मिला है, जिसके की मायने भी निकाले हैं।

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रुद्रपुर में रोडवेज के निकट स्थिति मुख्य रामलीला सबसे बड़ी रामलीला है,जिसके संरक्षक किच्छा विधायक तिलक राज बेहड है। बताया कि इस रामलीला में दो बार रुद्रपुर के विधायक रहे राजकुमार ठुकराल को रामलीला कमेटी ने कभी निमंत्रण नहीं भेजा। जिसके चलते उनके अंदर यह मामला बना रहता था कि आखिर सबसे बड़ी रामलीला में उन्हें मंच साझा करने का मौका कब मिलेगा। इसके पीछे मुख्य बजह यह थी क्योंकि रामलीला के संरक्षक का विजय रथ राजकुमार ठुकराल ही रोका था। ठुकराल बेहड को ही हराकर दो बार विधायक बने, जबकि बेहड कि राजनीतिक पारी पर ग्रहण लग गया,2022 में बेहड रुद्रपुर छोड़कर किच्छा चले गए, जहां उनकी फिर राजनीति चमक उठी,इधर ठुकराल का पार्टी ने टिकट काट दिया, जिसके बाद उनके सितारे डूब गए। इसके बाद से ठुकराल लगातार अपने नए घर की तलाश में जुटे हैं।निकाय चुनाव में उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान किया था, लेकिन कांग्रेस ने उनकी मांग पूरी नहीं की।माना जा रहा कि बेहड उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा है,और कांग्रेस बेहड को नाराज नहीं करना चाहती है। पिछले करीब साढ़े तीन वर्ष चल कवायद पर नजर दौड़ाएं तो ठुकराल कभी भाजपा में वापसी करने वाले हैं तो कभी कांग्रेस का दामन थाम रहे हैं इसकी चर्चाएं चलती रही है, मीडिया के लोगों ने उनकी गर्मागर्म खबरें भी खूब चलाई है, लेकिन आज तक ठुकराल भाजपा से निष्यकासित होने के बाद जहां थे वहीं खड़े हैं,न तो भाजपा में उनकी वापसी की उम्मीद है और न ही कांग्रेस में जाने की।
लेकिन इस बार दशहरा से पहले उनके कांग्रेस में जाने की उम्मीद फिर प्रबल होने की चर्चा चलने लगी है।
सोमवार को पूर्व विधायक राजकुमार ठुकरालपहली बार मुख्य रामलीला में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए
उन्होंने अपने संबोधन में किच्छा विधायक तिलक राज बेहड के खूब गुणगान किए। कहा कि रामलीला मैदान को बचानें में किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के महत्तवपूर्ण योगदान को स्मरण कर सराहते हुये कहा कि इस रामलीला ग्राउन्उ को बचानें, बनानें, संवारनें और प्राचीन परंपराओ को संजोनें में श्री बेहड़ का बहुत बड़ा योगदान है। वह स्वयं भी इस मंच पर दशको तक अभिनय कर चुके है। चर्चा है कि इस बार बेहड को ठुकराल ने मना लिया है, माना जा रहा इसके बाद बेहड की हरी झंडी पर ही रामलीला कमेटी ने 16 वर्ष बाद ठुकराल को निमंत्रण पत्र दिया था और ठुकराल रामलीला अतिथि बनकर पहुंचे हैं,
इस दौरान पूर्व विधायक राजकुमार के ठुकराल के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी संजय ठुकराल, राजेश ग्रोवर, अजय नारायण, पूर्व पार्षद फुदेना साहनी, विजय वाजपेयी, आनन्द शर्मा, वसीम त्यागी, रूद्रा कोली, ललित सिंह बिष्ट भी मौजूद रहे।