उधमसिंह नगर

एसएसपी पहले सही थे या अब!प्रदीप कोली वहाल,एसएसपी ऊधमसिंहनगर का फैसला बनेगा नजीर। अधिनिस्थ शोसल मीडिया को करेंगे हथियार के रुप में इस्तेमाल।

नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। एसएसपी ऊधमसिंहनगर ने दो दिन पहले सस्पेंड हुए रम्पुरा चौकी इंचार्ज प्रदीप कोहली को वहाल कर दिया दिया। एसएसपी का यह फैसला आने वाले दिनों में उत्तराखंड के पुलिस महकमे में नजीर के रुप में पेश होगा, माना जा रहा कि पुलिस महकमे में अधिकारियों के फैसले को अधिनिस्थ शोसल मीडिया का सहारा लेकर हथियार के रुप में इस्तेमाल करेंगे। सवाल यह भी पूछा जा रहा कि एसएसपी ऊधमसिंहनगर का फैसला दो दिन पहले सही था आज का फैसला सही है!
ऊधमसिंहनगर के जिला मुख्यालय की रम्पुरा चौकी के इंर्चाज प्रदीप कोली को दो दिन पहले एस एसपी ऊधमसिंहनगर मणिकांत मिश्रा ने सस्पेंड कर दिया था। खबरों के मुताबिक रुद्रपुर महाविद्यालय में नामांकन के दौरान हुई मार-पीट, फायरिंग और हथियार लहराने की घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी ने रम्पुरा चौकी इंचार्ज को सस्पेंड किया था। प्रदीप कोहली के सस्पेंड होने के बाद शोसल मीडिया में बहस शुरू हो गई थी,कई लोग प्रदीप के पक्ष में पोस्ट कर रहे थे,तो कुछ लोग एसएसपी के निर्णय को सही करार दे रहे थे। इधर एसएसपी ऊधमसिंहनगर मणिकांत मिश्रा ने दो दिन बाद ही अपने फैसले को पलट दिया है। बताया जा कि शोसल मीडिया पर रम्पुरा चौकी इंचार्ज प्रदीप कोली के पक्ष में खड़े हुए लोगों की बजह से एसएसपी ने अपना फैसला पटल दिया है।
इसकी सही बजह क्या है यह तो एसएसपी खुद जानते होंगे, लेकिन एसएसपी ऊधमसिंहनगर का यह फैसला आने वाले दिनों में पुलिस महकमे में एक नजीर के रुप में पेश होगा। सवाल यह उठ कि जब चौकी इंचार्ज की लापरवाही नहीं थी तो फिर से एसएसपी ने उसे सस्पेंड क्यों किया,या लापरवाही हुई थी तो फिर दो दिन में ही बहाल क्यों किया गया। चौकी इंचार्ज और थानाध्यक्षों की बात करें तो उनके सर्किल में अच्छी खासी जान पहचान भी होती। आजकल शोसल मीडिया का समय है। ऊधमसिंहनगर में नहीं प्रदेश में जब भी किसी चौकी इंचार्ज, थानाध्यक्ष या उपनिरीक्षक पर ऐसी कार्यवाही होगी तो वह शोसल मीडिया को सहारा बनायेगा,और फिर अधिकारियों को अपना फैसला बदलना होगा।
लोगों पूछ रहे कि एसएसपी पहले सही या फिर उन्होंने अपने फैसले की भूल सुधार की है।
बार-बार यह पुलिस महकमे का मामला है। महकमे अनुशासन कैसे कायम किया जाए, क्या सही क्या ग़लत यह महकमे से जुड़े अफसर ही बेहतर जानते होंगे।