शोर थमा,मगर गुटबाजी बरकरार।रुद्रपुर में कांग्रेस की गुटबाजी फिर आई समाने।2027 में अच्छे दिन की उम्मीद हो रही धूमिल।राहुल के फैसले और गोदियाल के आह्वान भी नहीं है परवाह।

नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। कभी कांग्रेस का मजबूत किला रहे रुद्रपुर में कांग्रेस के 2027 में भी अच्छे दिन आयेंगे इसकी उम्मीद कम ही है।बजह भाजपा की मजबूती से ज्यादा पार्टी की आपसी गुटबाजी मानी जा रही है। रुद्रपुर के कांग्रेसियों ने तो राहुल गांधी के निणर्य की परवाह और न ही नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल के उस आह्वान की जिसमें उन्होंने पार्टी हित में एक होने की बात कही है।
रुद्रपुर की बात करें तो यह पर कांग्रेस की हालत पिछले 14 वर्ष से पतली है। निगम, विधानसभा और लोकसभा तीनों चुनावों में कांग्रेस का यह पर जनता नाकार रही है, इसके पीछे मुख्य बजह कांग्रेस में आपसी गुटबाजी रही है।
पिछले दिनों जब कांग्रेस हाईकमान ने संगठन का ऐलान किया तो रुद्रपुर में बेहड गुट के लोगों मैदान में निकल आए।एक दर्जन पाषर्दों ने इस्तीफा दे दिया तो अन्य कई पदाधिकारियों भी पार्टी को मीडिया के कैमरों पर कमजोर करते दिखे। पार्टी के कार्यक्रमों में भी यह साफ देखा जा रहा है। संगठन गठन के बाद जब प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल व अन्य पदाधिकारी का देहरादून में स्वागत हुआ। कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल ने खुद भरोसा दिया की जहां भी खामियां हैं, उन्हें दूर किया जायेगा। उन्होंने आह्वान किया कि पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट होकर काम करें, लेकिन रुद्रपुर में पार्टी का सत्यानाश करने पर तुले नेताओं ने इसकी कोई परवाह नहीं की।
बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जन्मदिन पर इसका उदाहरण समाने आया। शहर के गांधी में लगी स्व. गांधी की प्रतिमा पर महानगर अध्यक्ष नियुक्त हुए ममता रानी अपने समर्थकों के साथ माल्यार्पण करने पहुंचे तो इसके बाद माहपौर पद का चुनाव लड़ें मोहन खेड़ा, महानगर अध्यक्ष पद की दावेदारी करने वाले संजय जुनेजा अपने समर्थकों के साथ माल्यार्पण करने पहुंचे, यानी की महानगर अध्यक्ष के कार्यक्रम में बेहड गुट से जुड़े मोहन खेड़ा और संजय जुनेजा शामिल नहीं हुए।
पार्टी में चल रही गुटबाजी पर जनता भी नजर गड़ाए हुए है। जिसका परिणाम 2027 में समाने आयेगा।
राजनीति से जुड़े लोगों का साफ कहना है कि कांग्रेसी ही कांग्रेस को खत्म कर रहे हैं, जिससे भाजपा का रास्ता साफ और आसान हो रहा है।

