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उधमसिंह नगर

प्रीत बिहार में फायरिंग,हत्या और साजिश!जमीन पर कब्जा लेने के लिए पंजाब से भी बुलाए गए थे लोग,गाड़ियों में भरकर आए थे हथियार।आस-पास के लोगों में पहले ही फैला दी गई थी दहशत। 

रुद्रपुर(खबर धमाका)। शहर के प्रीत बिहार में यूपी बार्डर से सटी करोड़ों की जमीन कब्जाने को लेकर हुई फायरिंग और हत्याकांड के मामले में धीरे-धीरे स्थिति साफ हो लगी है, घटना स्थल पर पड़े मिले खाली कारतूस के खोके और आस-पास के लोगों की जुबानी यह घटना बडी साजिश, सुनियोजित होने की तरफ इशारा कर रही है, चर्चा तो यह भी कि कब्जा करने वाले लोग गाड़ियों में भरकर हाथियार लाए थे और ज्यादातर लोग बाहर के ही थी।

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ऊपर दिए लिंक में सुनिए घटना स्थल की चश्मदीद सूरज की बात,

रविवार को रुद्रपुर के प्रीत बिहार क्षेत्र में हुई घटना के बाद पूरे दिन लोगों में दहशत रही, वहीं बिहार निवासी कार्तिक की मौत हो गई,इस घटनाक्रम को जिसने भी देखा वह सहमा हुआ है।मृतक कार्तिक के साथ सूरज ने मीडिया के कैमरे पर ही स्थिति साफ कर दी थी कि जमीन कब्जाने के दौरान उस समय 20 मजदूरो को अड्डे से लाया गया था तो वहां पर पहले से ही करीब चार दर्जन लोगों पहले से ही मौजूद थे, करीब 50-60 गोलियां चलीं थी, मौके से बरामद खाली कारतूसों के जितने भी खोके बरामद हुए हैं वह सभी जमीन पर कब्जा लेने गए पक्ष के ही बताएं जा रहे,इधर इस घटनाक्रम में मौके पर मौजूद एक ठेकेदार की मानें तो करीब 10 से ज्यादा गाड़ियों में भर लोग आए थी,और ज्यादातर लोग बाहर के थे, गाड़ियों में हाथियार भरे हुए थे, जमीन पर कब्जा लेने से पहले ही कब्जा करने वाले आबादी क्षेत्र में हथियार लेकर खड़े हो गए थे, कवायद हथियार लहराते हुए लोग नजर आ रहे थे। आस-पास के लोगों की मानें तो करीब आधा घंटे तक हुई फायरिंग और एक व्यक्ति को गोली लगने के बाद पुलिस के समाने ही फायरिंग करने वाले अपनी गाड़ियों से फरार हुए थे। जिनमें अधिकांश लोगों को उन्होंने कभी नहीं देखा था। सवाल यह कि जो सिमरनजीत जमीन अपनी होने का दावा कर रहा है, हथियारों से लैस बदमाशों की फौज लेकर जमीन कब्जाने क्यों गया था,जब उसे विवाद की सम्भावना थी,तो उसने पुलिस की मदद क्यों नहीं ली,या फिर पुलिस को घटना की पूरी जानकारी थी। वैसे मीडिया के कैमरे पर मृतक के साथ ने यह भी साफ किया है,जब विपक्ष का एक व्यक्ति मौके पर बात करने आया था तब उससे जमीन कब्जाने गए लोगों ने कहा कि उनकी पुलिस से बात हो चुकी हे, पुलिस के कहने पर ही वह कब्जा लेने आए हैं।

सवाल यह भी कि जिस कोठी से चली गोली कार्तिक को लगने की कहानी गढ़ी जा रही है,लोग उसपर भी सवाल खड़े कर रहे,कहा यही जा रही कि जिस प्रकार गोली लगी वह कब्जा लेने आए लोगों के हाथियाऱों से हुई फायरिंग की भी हो सकती है,

सवाल यह भी कि जिस कोठी से चली गोली कार्तिक को लगने का दावा किया जा रहा वह घटना स्थल से 300 मीटर दूर है, इतनी दूर से हुई 50-60 फायरिंग गोली सिर्फ कार्तिक को ही क्यों लगी, अन्य किसी को कैसे नहीं छू पाई।

फिलहाल प्रीत बिहार में रविवार को हुए फायरिंग और हत्याकांड की घटना को लेकर बड़ी जांच और कार्यवाही की जरूरत है,ताकि कार्तिक के सही हत्यारों को सजा मिल सके और आबादी क्षेत्र में आगे कोई दहशतगर्दी फैलाने की जहमत न उठाने पाए।