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अपने ऊपर लगे आरोपों का कब जबाब दोगे कप्तान साहब?कांग्रेस मान रही किसान सुखबंत आत्माहत्या कांड का सबसे बड़े दोषी।  कांग्रेस का सवाल,दोषी ही दे रहा दूसरों को सजा,कैसे करें भरोसा? 

नरेन्द्र राठौर (खबर धमाका)। ऊधमसिंहनगर के काशीपुर क्षेत्र के किसान सुखबंत सिंह की आत्माहत्या ने हर किसी को झकझोर कर दिया है।यह मामला इसलिए अलग कि क्योंकि इसके खुद मृतक ने जान देने से पहले खाकी के चौकी थाने से लेकर एस एसपी पर संगीन आरोप लगाए हैं। मामले में विपक्ष भी अब सवाल पूछ रहा है।

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ऊपर दिए लिंक में सुनिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का ध्यान और मृतक सुखवंत की वायरल वीडियो 

मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत तमाम विधायक, संगठन के लोगों ने काशीपुर में मृतक सुखबंत के परिजनों से मुलाकात की और फिर रुद्रपुर में पत्रकार वार्ता कर अपना स्टैंड साफ किया। उन्होंने कहा कि अजब सरकार और सिस्टम है,जिस भ्रष्ट सिस्टम की बजह से सुखबंत ने प्रताड़ित होकर आत्महत्या जैसा कदम उठाया है,उसी के आरोपी अब कार्यवाही कर रहे हैं। ऊधमसिंहनगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर रहे, जांच के लिए एसआईटी गठित कर रहे, जबकि इस मामले में सबसे बड़े आरोपी वह खुद है,सुखबंत ने अपने आपको को गोली मारने से पहले वीडियो में एसएसपी का नाम लिया है। मृतक ने वीडियो में यह भी कहा कि मरने के बाद उनकी अस्थियां इन पुलिस कर्मियों को देने की भी मांग की है, ताकि अखंड भ्रष्ट में डूबे इन पुलिस कर्मियों पेट भर सके। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष श्री गोदियाल ने कहा कि सुखबंत के पिता ने उन्हें बताया कि चौकी स्तर पर उनका करोड़ों रुपए की ठगी करने वालों से निपटारा होने वाला था, लेकिन बड़े अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला उलझ गया। उन्होंने कि आईटीआई का थानाध्यक्ष एसएसपी का बड़ा मोहरा है, जनपद बाग्वेश्वर वह मणिकांत मिश्रा के साथ ही था, जहां पर उसपर कई आरोप लगे थे, जांच में उसे सस्पेंड कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद जब एसएसपी मणिकांत मिश्रा ऊधमसिंहनगर आए तो इस उपनिरीक्षक को ऊधमसिंहनगर बुलाकर मलाईदार थाने का अध्यक्ष बना दिया गया।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने साफ किया कि सबसे पहले आरोपी एसएसपी को सस्पेंड कर हटाया जाए, इसके बाद एसएसपी समेत तमाम उन पुलिस कर्मियों पर मुकदमा हो, साथ ही मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। उन्होंने सिर्फ कहां सरकार की मशीनरी पर उन्हें भरोसा नहीं है।यदि 15 जनवरी तक सरकार ने एसएसपी ऊधमसिंहनगर को हटाकर मुकदमा दर्ज नहीं कराया तो फिर डीजीपी कार्यालय का घेराव किया जायेगा।