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उत्तराखंड

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले सांसद अजय भट्ट,किच्छा में बन रहे एम्स सैटेलाइट सेंटर को पूर्ण एम्स का दर्जा दिए जाने की मांग।

नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री का नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद श्री अजय भट्ट ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा जी से लोकसभा सत्र के दौरान भेंट कर पत्र सौंपा जिसमें जनपद उधमसिंह नगर के अंतर्गत किच्छा में बन रहे एम्स सैटेलाइट सेंटर को पूर्ण एम्स का दर्जा दिए जाने की मांग की है।

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श्री भट्ट ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करते हुए पत्र के माध्यम से कहा है कि जनपद उधमसिंह नगर के अंतर्गत किच्छा में एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) का सैटेलाइट सेंटर निर्माणाधीन है। जिसको पूर्ण रूप से एम्स का दर्जा दिया जाना अत्यंत आवश्यक है।

श्री भट्ट ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ही उसे “विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है। राज्य के पर्वतीय व मैदानी क्षेत्रों में रहने वाली बडी जनसंख्या को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की नितांत आवश्यकता है। पिथौरागढ़, चम्पावत, बागेश्वर एवं अल्मोड़ा जिलों के सुदूरवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों से किच्छा पहुंचने में लगभग 12 से 15 घण्टे लग जाते है और ऐसे ही नैनीताल जिले के पर्वतीय क्षेत्रों से आने में भी बहुत समय लगता है। चीन की सीमा से लगे क्षेत्रों के लोगों को लगभग 16 से घण्टे तक किच्छा सैटेलाईट सेंटर आने में लग जाते है। यदि मरीज का यहां पर ठीक उपचार नहीं हुआ तो, पुनः बरेली, मुरादाबार, देहरादून एवं दिल्ली आना ही पड़ता है और ऐसे में दिल्ली पहुंचने पर कुल मिलाकर लगभग 21 से 22 घण्टे लग जाते हैं।

इतने लम्बे समय तक पहाड़ी मार्गों से आने में कई लोगों की रास्तें में ही मृत्यु हो जाती है। आदि कैलाश, गुंजी, कुट्टी, नभिढांग, गर्ब्यांग, जोलिंगकोंग, छियालेख, पांगला से आने में भी यह दूरी और बढ़ जाती है। इसलिए किच्छा में बन रहे एम्स सैटेलाइट सेंटर को पूर्ण एम्स का दर्जा दिया जाना जनहित में अति आवश्यक है।

श्री भट्ट ने बताया कि सैटेलाइट सेंटर केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, रामपुर आदि क्षेत्रों की बड़ी आबादी के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

यदि किच्छा स्थित एम्स सैटेलाईट सेंटर को पूर्ण रूप से विकसित किया जाता है, तो उत्तराखंड के उपरोक्त जिलों के सीमावर्ती गांव एवं उत्तर प्रदेश के उत्तराखण्ड से लगे हुए जिलों के लाखों नागरिकों को अपने ही क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी और उन्हें दूर-दराज के महानगरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

श्री भट्ट ने कहा है कि जनभावनाओं एवं क्षेत्रीय आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए किच्छा (उधमसिंह नगर) में बन रहे एम्स सैटेलाइट सेंटर को पूर्ण एम्स का दर्जा प्रदान किया जाना बेहद आवश्यक है।