गैस किल्लत थामने में उत्तराखंड सरकार फेल।उपभोक्ता परेशान, चुनावों में भुगतना होगा खामियाजा।

नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। युवाओं को रोजगार देने फेल रहने के साथ ही विपक्ष के तमाम आरोपों में घिरी उत्तराखंड की धामी सरकार गैस वितरण व्यवस्था में भी फेस साबित हो रही,जिसका खामियाजा सरकार को आगामी विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।

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ऊपर दिए लिंक में देखिए कैसे गैस किल्लत से भड़की महिला
उत्तराखंड में पिछले दो सप्ताह से गैस के लिए मारा-मारी मची हुई है, उपभोक्ताओं को कई-कई घंटे लाइन लगानी पड़ रही है, इसके बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, शुरुआत में लोगों की बुकिंग नहीं हो पा रही थी,तो अब बुकिंग के बाद लोगों के घर तक सिलेंडर नहीं पहुंच रहे हैं। ऊधमसिंहनगर में सबसे ज्यादा मारा मारी मची है। हैरान की बात यह है सिलेंडर की आनलाइन बुकिंग के बाद उनके फोन नंबरों पर फर्जी तरीके सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज भेजा जा रहा, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ता जा रहा।

रुद्रपुर गैस एजेंसी पर हंगामा करते लोगों को समझाते महापौर
रुद्रपुर की बात करें तो रुद्रपुर गैस एजेंसी, वोरा गैस एजेंसी पर लंबी लंबी-लंबी लाइनें लग रही। उपभोक्ताओं का साफ कहना है कि सिलेंडरों की होम डिलीवरी नहीं है।सवाल यह उठ रहा कि गैस एजेंसी से सिलेंडर जा कहां रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटें है।
उपभोक्ता भी सरकार की नीतियों पर जमकर हाय हाय कर रहे हैं।
इधर राजनीति के जानकारों की मानें तो गैस के लिए परेशान उपभोक्ताओं का गुस्सा आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा,इसके पीछे मुख्य बजह यह कि गरीब और आम लोग भाजपा का वोट बैंक है,और सबसे ज्यादा गरीब व आम लोग ही परेशान हैं,इसी तबके के लोगों का गैस लेने के लिए सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
