उत्तराखंड

प्रशासन के अतिक्रमण हटाओ पर कांग्रेस ने उठाए सवाल। जसपुर विधायक बोले जनहित के मुद्दे उठाने वाले को किया जा परेशान बोले डीएम की बात भी नहीं मानती एसडीएम डीएम ने दिए जांच के आदेश

नरेन्द्र राठौर
रुद्रपुर (खबर धमाका)। अपनी बेवाक टिप्पणी के लिए महसूर जसपुर विधायक आदेश चौहान ने आज फिर अपने क्षेत्र की एसडीएम की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने डीएम के सामने जो कहा वह हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा की उनकी शिकायत डीएम के दौरान जांच का भरोसा देने के बाद भी एसडीएम ने अतिक्रमण पर जेसीबी चला दी।

दरासल जिले में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान में किसानों व आम जनता को परेशान करने के मामले लेकर जसपुर विधायक आदेश चौहान,उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी शुक्रवार को डीएम युगल किशोर पंत से मिले। उन्होंने बताया कहा कि उन्हें सड़कों,तालाबों, नहरों की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही से कोई ऐतराज नहीं है। लेकिन जो लोग वर्षों से नजूल,और पट्टों की जमीन पर बसे हैं उन्हें क्यों उजाड़ा जा रहा है। सरकार एक तरफ बेघर लोगों को घर देने की बात करती है, दूसरी तरफ गरीब, किसानों को उजाड़ने का काम हो रहा है।

 

उन्होने बताया की पिछले दिनों प्रशासन की तरफ से 1980 में जारी हुए पट्टों की जमीन पर बसे लोगों को नोटिस दिया था,इसको लेकर उन्होंने एसडीएम से वार्ता कर लोगों का पक्ष सुनने की मांग की थी,इधर लोगों का पक्ष सुने लैंगर एसडीएम मकानों को तोड़ने पहुंच गयी,इस मामले में उन्होंने डीएम को फोन करके पूरे जानकारी दी गयी, जिसपर डीएम ने भरोसा दिया था की लोगों से वार्ता के बाद ही कार्यवाही की जायेगी, लेकिन एसडीएम ने बिना लोगों से वार्ता किए लोगों को उजाड दिया। विधायक ने बताया की जिन लोगों को उजाड़ा गया है उनमें एक किसान नेता शामिल था। आरोप है कि लगातार जनहित के मामले उठाने का खामियाजा उसे भुगतान पड़ा है, एसडीएम ने जानबूझकर उसके घर पर जेसीबी चलवाई है। उन्होंने ऐसे कई और मामले भी उठाए, जिन्हें नियम विरुद्ध तोड़ा गया है।