पूरे नियम और पार्दिशता के साथ होता है अटारिया मेला,किशन।मेले के ठेकेदार बोले,माता के भक्त अपनी स्व:इच्छा से मेला लगाने को देते हैं अपनी जमीन व आवास। मेला में भक्तों का रखा जाता पूरा ध्यान, माता सभी की मनोकामनाएं करती पूरी।

नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। रुद्रपुर का एतिहासिक/प्रसिद्ध आटरिया मेला गुरुवार को माता का डोला पहुंचने के बाद शुरू हो जायेगी। मेला का भव्य बनाने में मंदिर कमेटी के साथ आसपास के लोग भी पूरा सहयोग करते रहे हैं।इस बार भी प्रशासन, मंदिर कमेटी व आसपास के लोगों के सहयोग से मेला भव्य होगा। मेला में भक्तों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जायेगा।
यह बात मेला कमेटी के ठेकेदार किशन सुखीजा ने जारी बयान में कहीं। उन्होंने कहा कि 26 मार्च से शुरू होने जा रहे मेला का ठेका तहसील प्रशासन की देखरेख में उनके नाम 22 लाख 50 हजार में छूटा है। अब उनकी जिम्मेदारी मेला को भव्य बनाने की है। उन्होंने कहा कि पहले प्रसिद्ध आटरिया मंदिर के पास आसपास की बहुत जमीन थी, लेकिन सरकार ने मंदिर की जमीन गरीबों को अलर्ट कर दी। जिसके मंदिर के आस-पास मकान बन चुके हैं, जिसके चलते पिछले लंबे समय से जो जमीन आसपास में खाली है,उस जमीन को माता के भक्त अपनी इच्छा से मेला लगाने के लिए देते हैं।यह पिछले लंबे समय होता आया है। उन्होंने कहा कि सभी माता के भक्तों को इसमें सहयोग करना चाहिए है।
अटारिया माता का मेला आज से नहीं लग रहा,इसे कई दशक बीत चुके हैं, प्रतिवर्ष लाखों भक्त यह पहुंचकर माता का आर्शीवाद देते हैं,और माता उन्हें आर्शीवाद देती है। यह आस्था का अटूट स्थल है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष मेला को भव्य बनाने और भक्तों की सुविधाओं का ध्यान रखने की वह पूरी कोशिश करते रहे हैं,इस बार मेला में बच्चों के लिए तरह तरह के झूलें आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मेला में इस बार पहली बार जल परी देखने को मिलेगी।

उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष वह अपने सहयोगी प्रषोत्तम अरोरा, ओमप्रकाश कोली,भोला सुखीजा,अरशद खान के साथ मिलकर मेला पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित करते हैं।
उन्होंने सभी भक्तों से आहवान किया वह मेला कमेटी सहयोग करें, माता के दर्शन करें। माता उनकी मनोकामना जरूर पूरी करेगी,जय माता की।
