उधमसिंह नगर

नामांकन पत्र वापस लेंगे चीमा,अब होगी बेहड की परीक्षा! कुरैया सीट से कांग्रेस नेता चीमा ने प्रदेशाध्यक्ष के समाने किया दावेदारी वापस लेने का ऐलान  चीमा का टिकट कटने से तीन सीटों पर कमजोर होगी कांग्रेस 

रुद्रपुर (खबर धमाका)। ऊधमसिंहनगर में वार्ड 14 कुरैया सीट से चुनाव लडने के लिए नामांकन कर चुके संदीप चीमा को आखिर कांग्रेस ने मना लिया है। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष करन मेहरा की मौजूदगी में उन्होंने अपना वापस लेने का ऐलान करके गेंद किच्छा विधायक तिलक राज बेहड के पाले में फेंक दी है। अब बेहड के समाने इस सीट पार्टी प्रत्याशी को जिताने की परीक्षा होगी।

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उत्तराखंड में चल रहे पंचायत चुनाव के तहत ऊधमसिंहनगर की कुरैया सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है।इस सीट पर एक तरफ भाजपा ने मजबूत दावेदार पार्टी के वरिष्ठ नेता उपेन्द्र चौधरी की पत्नी कोमल को मैदान में उतारा है,तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने अपने मजबूत प्रत्याशी,दो बार के सदस्य रहे संदीप चीमा का टिकट काट दिया है। जिससे हर कोई हैरान हैं। महिला सीट होने के नाते संदीप ने अपने परिवार की महिला के नाम से नामांकन पत्र दाखिल किया था,जिसका आज पटाक्षेप हो गया। रुद्रपुर पहुंचे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष करन मेहरा के मानने पर उन्होंने पर्चा वापस लेने की घोषणा कर दी है। इधर चीमा के पर्चा वापस लेने की घोषणा के बाद अब गेंद किच्छा विधायक तिलक राज बेहड के पाले में चली गई है। अब बेहड के समाने अपने पसंदीदा प्रत्याशी को हर हाल में जिताने की चुनौती है। यदि इस सीट से कांग्रेस हारी तो इसका ठीकरा सीधे तौर पर बेहड के सिर फोड़ा जायेगा। इसकी बजह भी है, क्योंकि जिस प्रत्याशी का टिकट बेहड की हठधर्मिता के चलते कटा है,वह लगातार दो बार इसी सीट से हालिस कर चुका था,इस बार भी उसकी एकतरफा जीत की चर्चाएं चल रही थी। कांग्रेस संगठन की तरफ से उसकी मजबूत पैरवी भी कई थी। लेकिन किच्छा विधायक अपने पसंदीदा प्रत्याशी को टिकट दिलाने पर अड गए थे, जिसके चलते पार्टी हाईकमान को उनकी बात माननी पड़ी।

इधर राजनीति से जुड़े लोगों की मानें तो चीमा का टिकट काटकर कांग्रेस हाईकमान कमान बड़ी चूक की है, इसका असर तीन सीट पर पड़ेगा। यानी कि कांग्रेस किच्छा क्षेत्र के दो और रुद्रपुर क्षेत्र की एक सीट पर कमजोर हो जायेगी। जिसमें प्रतापपुर, खानपुर पूर्व और दोपहरिया शामिल हैं। इस सभी सीटों पर चीमा की मजबूत पकड़ बताई जाती है,जिसका फायदा कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को मिलना तय था।