2027 में शुक्ला की टेंशन बढ़ायेंगे गंगवार।अपने विरोधी बहुगुणा से हाथ मिलाने के बाद गंगवार का वयान बना चर्चा।किच्छा में बेहड के मुकाबले वैसे ही कमजोर नजर आ रहे शुक्ला।

रुद्रपुर(खबर धमाका)। उत्तराखंड में 2027 के चुनाव को लेकर दावेदारों के नाम धीरे धीरे समाने आने शुरू हो गए हैं। ऊधमसिंहनगर के किच्छा सीट पर इस बार जिला पंचायत सीट पर लंबे समय से काबिज रहे गंगवार परिवार की दावेदारी शोसल मीडिया पर समाने आई है,यदि गंगवार परिवार ने दावेदारी की तो पूर्व विधायक शुक्ला की टेंशन बढ़नी तय है।


किच्छा विधानसभा की बात करें तो राजेश शुक्ला यह से दो बार विधायक रहे हैं,2022 में उन्हें रुद्रपुर से गए पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड ने हरा दिया था। बेस्ड और शुक्ला की बात करें तो रुद्रपुर में भी कई बार दोनों का आमना-सामना हुआ था, लेकिन शुक्ला कभी भी बेहड दीवार को लांघने में सफल नहीं हुए,अब 2027 में हुए चुनाव में शुक्ला बेहड दीवार को लांघ पायेंगे, फिलहाल इसकी उम्मीद भी कम ही नजर आ रही।
इधर शोसल मीडिया पर बुधवार को बरा के सुरेश गंगवार और कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की मुलाकात और किच्छा सीट से सुरेश गंगवार की दावेदारी करने की तैयारी की खबरें खूब चर्चा में रही है।
सुरेश गंगवार की बात उनके परिवार राजनीति से लंबा नाता रहा है। राज्य बनने के बाद लगातार उनका परिवार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज था,तो इस बार भी उनकी पत्नी भंगा सीट से जिला पंचायत सदस्य हैं। बताया जा रहा कि मुख्यमंत्री के कहने पर उन्होंने इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद की अपनी नहीं की थी, लेकिन उन्हें 2027 में पूरा सहयोग करने का भरोसा मिला हुआ है। सुरेश की दावेदारी को इससे जोड़कर भी देखा जा रहा है। बताया जा कि किच्छा की ग्रामीण क्षेत्रों में गंगवार परिवार का हर वर्ग पर मजबूत पकड़ है,जिला पंचायत चुनाव में यह देखने को भी मिला था, ऐसे में वह बेहड के जबड़े से सीट निकाल सकते हैं।
इधर पूर्व विधायक की बात करें तो पंचायत चुनाव में भाजपा सभी तीनों जिला पंचायत की सीटें हार गई थी,वहीं ब्लाक प्रमुख चुनाव में भी उनपर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की जगह निर्दलीय प्रत्याशी को चुनाव लड़ाने का दाग काफी चर्चा में रहा है,जो विधानसभा चुनाव में उनके लिए मुसीबत बन सकता है।2022 में चुनाव हराने के बाद से उनका विवादों से भी लंबा नाता रहा,अभी पिछले दिनों ही एक बीडीसी सदस्य ने गंभीर आरोप लगाए थे,जिसका जबाब उन्होंने अभी तक नहीं दिया है।
फिलहाल 2027 के चुनाव को अभी एक वर्ष से ज्यादा का समय बचा हुआ है, लेकिन जिस प्रकार से सुरेश गंगवार की दावेदारी समाने आई है,वह शुक्ला की टेंशन बढ़ाने वाली है।
