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उधमसिंह नगरउत्तराखंड

उत्तराखंड विधानसभा में विधायक शिव ने विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग उठाई।बोले हम पांच हमारे 25 के प्रवृत्ति से बिगड़ रही प्रदेश की भौगोलिक स्थिति।तीन से ज्यादा बच्चों वाले परिवार को सभी सरकारी सुविधाएं न दी जाएं

गैरसैण(खबर धमाका)। उत्तराखंड में यूसीसी की तरह जनसंख्या नियंत्रण कानून को लाया जाना चाहिए, ये मांग बीजेपी के विधायक शिव अरोरा ने विधानसभा सत्र के दौरान अपनी सरकार के आगे रखी है।

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वीडियो में क्लिक करके सुनिए विधायक शिव अरोरा का विधान सभा में दिया गया अभिभाषण 

विधायक शिव अरोरा ने विधानसभा में अध्यक्ष के सम्मुख ये विषय रखा कि उत्तराखंड में डेमोग्राफी चेंज एक वर्ग विशेष द्वारा किया जा रहा है इसे रोकने के लिए राज्य में जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत है।

विधायक शिव अरोरा ने सदन में कहा कि सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून लाना चाहिए ,उन्होंने कहा कि यदि सरकार कानून लाती है तो उस दिन से तीन से अधिक बच्चे होने पर उसकी परिवार को समस्त सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाना चाहिए,जिनमें सरकारी राशन,आयुष्मान कार्ड, गैस आदि सुविधाएं शामिल है। उन्होंने कहा कि एक वर्ग विशेष द्वारा हम पांच हमारे पच्चीस की मानसिकता से धार्मिक आधार पर जनसंख्या बढ़ाई जा रही है।

श्री अरोरा ने कहा कि उत्तराखंड के मैदानी जिले ही नहीं बल्कि सुदूर पर्वतीय जिले भी बाहर से आए घुसपैठियों की वजह से यहां की सांस्कृतिक धरोहर को नुकसान पहुंचा रहे है इसलिए सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने पर विचार करना चाहिए ।

 

“मीडिया” से बातचीत में विधायक शिव अरोरा ने कहा कि जैसे ucc पहली बार उत्तराखंड में लागू हुआ, जैसे मदरसा बोर्ड उत्तराखंड में पहली बार समाप्त होने जा रहा है

वैसे ही राज्य सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून लाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तीन बच्चों से ज्यादा जिनके बच्चे हो उनके लिए सभी सरकारी सुविधाएं, जैसे सरकारी राशन , आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज, सरकारी मकान, सरकारी गैस सिलेंडर आदि सब बंद कर देनी चाहिए।

हम पांच हमारे पच्चीस की योजना देवभूमि में नहीं चलने दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य जब बना तब मुस्लिम आबादी कितनी थी ये आंकड़े सबके पास है और अब ये आबादी 2011में 14प्रतिशत हुई जोकि अब अनुमान से 18 प्रतिशत के आसपास हो गई है।बाहरी राज्यों से आए घुसपैठियों ने उत्तराखंड सरकार के बजट को बिगाड़ दिया है। सब्सिडियों का फायदा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को मिल रहा है।