गैस वितरण में अव्यवस्था पर मेयर का चढ़ा पारा।ठेकेदार को सिखाया सबक, शिकायत के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया

रुद्रपुर(खबर धमाका)। इंडेन गैस एजेंसी पर गैस वितरण की चरमराई व्यवस्था और उपभोक्ताओं के साथ हो रही बदसलूकी देख महापौर विकास शर्मा का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। शनिवार सुबह एजेंसी पर मची अफरा-तफरी की सूचना मिलते ही महापौर सीधे मौके पर जा धमके। वहां की बदहाली और नियमों की धज्जियां उड़ते देख महापौर ने मौके पर मौजूद ठेकेदार और प्रबंधकों को जमकर आड़े हाथों लिया। महापौर की सख्ती और सूचना के बाद अपर जिलाधिकारी, तहसीलदार और जिला पूर्ति अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद लापरवाह ठेकेदार को पुलिस हिरासत में ले लिया गया।

दरअसल, पिछले कई दिनों से इंडेन गैस एजेंसी पर वितरण में अनियमितता और उपभोक्ताओं के हंगामे की खबरें सामने आ रही थीं। शनिवार सुबह भी जब एजेंसी पर भारी भीड़ और अव्यवस्था का माहौल बना, तो महापौर विकास शर्मा ने खुद मोर्चा संभाला। मौके पर स्थिति बेहद खराब थी; न तो गैस वितरण का कोई रोस्टर बनाया गया था और न ही नियमों का पालन हो रहा था। प्रशासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि गैस की होम डिलीवरी की जाए, लेकिन इसके विपरीत ठेकेदार एजेंसी से ही सिलेंडर बांटकर भीड़ इकट्ठा कर रहा था। इस पर बिफरते हुए महापौर ने ठेकेदार को दो टूक शब्दों में कहा कि अपनी मनमानी से वह प्रदेश की धामी सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महापौर की कॉल पर एडीएम पंकज उपाध्याय, तहसीलदार दिनेश कुटौला और जिला पूर्ति अधिकारी मलकीत भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जब उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनीं, तो ठेकेदार की पोल खुल गई। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि ठेकेदार जानबूझकर घर पर सिलेंडर नहीं भेजता और एजेंसी पर बुलाकर घंटों लाइन में खड़ा रखता है। महापौर ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा अगर ठेकेदार से व्यवस्था नहीं संभल रही, तो नगर निगम खुद वितरण की जिम्मेदारी संभालेगा, लेकिन जनता का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
महापौर और एडीएम के कड़े रुख को देखते हुए तहसीलदार ने मौके से ही ठेकेदार को पकड़कर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। काफी देर तक चली गहमागहमी के बाद ठेकेदार ने लिखित में माफीनामा दिया और एक सप्ताह के भीतर होम डिलीवरी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने का वादा किया, जिसके बाद उसे चेतावनी देकर छोड़ा गया। महापौर ने एजेंसी प्रबंधक प्रमोद पाण्डे को भी सख्त हिदायत दी कि भविष्य में ऐसी शिकायत आई तो सीधे लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति की जाएगी।
बाद में महापौर ने प्रशासनिक अधिकारियों और गैस एजेंसी प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर नई रणनीति तैयार की। बैठक में यह सख्त निर्णय लिया गया कि अब किसी भी दशा में गैस एजेंसी परिसर से सिलेंडर वितरित नहीं होंगे। वितरण केवल डोर टू डोर ही किया जाएगा ताकि एजेंसी पर लाइन न लगे। महापौर ने जनता से भी अपील की कि यदि गैस मिलने में कोई दिक्कत आए, तो वे सीधे नगर निगम, संबंधित पार्षद या उनके व्हाट्सएप नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से खिलवाड़ करने वाले किसी भी ठेकेदार या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
