पंचायत चुनाव: ऊधमसिंहनगर में भाजपा-कांग्रेस के बागियों पर बसपा की नजर कई सीटों पर बागी हुए नेता बिगाड़ेंगे भाजपा-कांग्रेस का खेल दोनों दल बागी होकर नामांकन करने वालों को मनाने में जुटे

नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। पंचायत चुनाव में टिकट कटने के बाद बगावत करके नामांकन वाले भाजपा और कांग्रेस का की जगह खेल बिगड़ सकते हैं। इसके लोगों दोनों दलों की नेताओं परेशान हैं तो उन्हें मनाने का दौर शुरू हो चुका है। इधर खबर यह भी है का कांग्रेस और भाजपा के बागी होकर नामांकन करने वाले प्रत्याशियों पर बसपा के नेता डोरा डाल रहे हैं।कई जगहों पर इसमें बसपा का संगठन कामयाब भी हुआ है।
उत्तराखंड में पंचायत चुनाव 24 और 28 जुलाई को होने है, इसके लिए नामांकन पत्र जमा करने का काम पूरा हो चुका है। ऊधमसिंहनगर में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर काबिज होने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेता, संगठन सक्रिय है। दोनों दलों ने काफी मंथन के बाद अपने समर्थित प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं, लेकिन की सीटों पर टिकट न मिलने से नाराज़ दोनों पार्टियों के नेताओं ने नामांकन कराकर मुश्किल खड़ी कर दी है। वार्ड 14 कुरैया सीट पर टिकट कटने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप चीमा ने अपने ही परिवार की महिला से नामांकन करा दिया है, ऐसे ही रुद्रपुर क्षेत्र की खानपुर पूर्व सीट पर भाजपा के राजेश बजाज व एक युवक नेता ने अपनी पत्नियों का नामांकन कराकर भाजपा की बेचैनी बड़ा दी है। जनपद में ऐसी एक दर्जन से ज्यादा सीटे बताई जा रही है,जहां पर कांग्रेस और भाजपा के नेता बागी होकर मैदान में कूद गए हैं। जो खुद भले ही न जीते लेकिन पाऐके प्रत्याशियों को हराने में कामयाब हो सकते है।
इधर जनपद में निर्दलीय और कांग्रेस व भाजपा के बागियों पर बसपा नजर गढ़ाए बैठी है, बसपा के प्रदेशाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी की दिनों से रुद्रपुर में ही कैंप किए हुए उनके द्वारा ऐसे प्रत्याशियों से सम्पर्क कर बसपा का समर्थन दिए जाने का काम किया जाने कि चर्चा है है। बताते हैं कि करीब एक दर्जन सीटों पर उन्होंने कामयाबी भी हासिल कर ली है। बताया जा रहा कि बसपा के नेताओं ने इसको लेकर गंगवार परिवार से भी सम्पर्क साधा है, हालांकि अभी वहां से उन्हें हरी झंडी नहीं मिली है।
ऐसे कांग्रेस और भाजपा को अंदरखाने तैयार में जुटी बसपा का मुकाबला भी करना पड़ेगा।
फिलहाल नामांकन पत्र जमा होने के बाद भाजपा और कांग्रेस संगठन बागी होकर नामांकन कराने वालों को मनाने में जुटे हैं, जिसमें दोनों पार्टियां कितनी कामयाब होंगी यह आने वाला समय बताएगा।

