उधमसिंह नगर

राखी का रिश्ता रक्तरंजित… जिसे भाई मानकर भरोसा किया,उसी ने इंसानियत का गला दबाया

रुद्रपुर(खबर धमाका)। किच्छा के लालपुर में हुए हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। जान गंवाने वाली युवती ने मकान मालिक के परिवार के जिस सदस्य को भाई का दर्जा दिया था, अब वही चेहरा दरिंदा बनकर सामने आया है। उसके खून से ऐसे व्यक्ति के हाथ रंगे हैं जिसे रक्षाबंधन पर राखी बांधी थी। रिश्तों की मर्यादा को लांछन लगाने वाली इस वारदात के सनसनीखेज खुलासे से हर कोई स्तब्ध है।

ओडिशा के जेकेपुर रायगढ़ निवासी 23 वर्षीय युवती की ऊधमसिंह नगर जिले के लालपुर क्षेत्र में हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि मृतका कुछ समय पहले बीमार हो गई थी और प्लेटलेट कम होने के कारण ओडिशा अपने घर चली गई थी। सोमवार को वह फिर किच्छा लौटी थी। मंगलवार को उसने कंपनी का सारा कामकाज निपटा लिया और दोपहर बाद अपने कमरे में आ गई। उसे अंदाजा भी नहीं था कि घर के नीचे रहने वाले परिवार का वही सदस्य उसकी जान ले लेगा जिसे वह भाई मानती थी।

जांच में सामने आया है कि दुष्कर्म में नाकाम होने पर आरोपी ने उसकी जान ली। हत्या के बाद युवती के शव को घर से डेढ़ किलो मीटर दूर फेंका गया। हत्या को अंजाम देने के बाद हत्यारे ने अपने भाई को आधी अधूरी कहानी बताई। उसने भाई की मदद से ही शव को चादर में लपेटकर बाइक पर रखा। बाइक को हत्यारे अमित ने चलाई और शव पीछे बैठे भाई ने पकड़ा। मजार के पीछे पहुंचने के बाद दोनों ने शव को जमीन पर रखा और नजदीक में निर्माणाधीन बुनियाद के लिए रखी ईंटें उठाकर शव के ऊपर रख दी थी ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद आरोपियों ने चादर की गांठ बांधकर शव को बरोर नदी में फेंक दिया था।

आरोपी बोला- मां ने कहा था तो जबरदस्ती बंधवाई राखी

आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में स्वीकार किया है कि मां के कहने पर उसने युवती से राखी बंधवाई थी। पड़ोसियों ने बताया कि मृतका मिलनसार और मददगार स्वभाव की थी। वह छह महीने में मकान मालिक के परिवार से अच्छी तरह घुल-मिल गई थी। अक्सर घर के कामों में मदद करती और खाली समय में बच्चों से बातें करती थी। उसे अंदाजा भी नहीं था कि घर के नीचे रहने वाले परिवार का एक सदस्य, जिसे वह भाई मान चुकी थी, उसी दिन उसकी जान ले लेगा।

शक और सवालों के आगे नहीं टिक सका झूठ

हत्यारोपी से जब पुलिस ने पूछताछ की तो वह झूठ बोलने लगा। कहा कि युवती ने उसे लैपटॉप ठीक करने के लिए दिया था। लैपटॉप को उसने बाजार में ले जाकर 1500 रुपये में बेच दिया। वह घर पहुंचा तो युवती ने उसे धमकाना शुरू कर दिया था। इस पर गुस्से में उसने युवती का गला दबा दिया। पुलिस को शक हुआ और सख्ती से पूछताछ में हत्यारे ने सारा राज उगल दिया।

चीख दबाने के लिए तेज की गानों की आवाज

पुलिस की पूछताछ में पता चला है युवती के साथ दरिंदगी से पहले चीखें दबाने के लिए भी साजिश रची गई। घटना के दिन आरोपी ने पहले अपने कमरे में गाने की आवाज तेज कर दी थी। इस सनसनीखेज खुलासे ने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया है। चार अक्तूबर को युवती को कंपनी में इंटर्नशिप पूरी कर अपने घर ओडिशा लौटना था लेकिन उसी दिन उसकी जिंदगी हमेशा के लिए थम गई।

ओडिशा से मांगी मदद, दिल्ली से आए मददगार

मंगलवार को युवती को दिल्ली होकर वापस ओडिशा लौटना था। शाम तीन बजे युवती की मां ने उसे कई बार फोन किया लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इस पर मां ने दिल्ली निवासी भतीजे अमृत को जानकारी दी। अमृत अपने दो दोस्तों के साथ बुधवार शाम को लालपुर पहुंच गया था। यहां पता चला कि मकान मालिक कामेश्वर सिंह अपनी पत्नी सरोज को लेकर रुद्रपुर के एक अस्पताल में गए थे। बुआ की बेटी की कोई जानकारी न मिलने पर युवक कोतवाली पहुंच गया और पुलिस से मदद मांगी। पुलिस मौके पर पहुंची और मकान के सामने एक घर में लगे सीसीटीवी चेक किए। इसके बाद दोनों भाइयों की करतूत सामने आ गई।