SIR से बदल जायेगा ऊधमसिंहनगर की अधिकांश सीटों का राजनीतिक परिदृश्य।रुद्रपुर में शिव और किच्छा में बेहड के लिए खड़ी होगी मुश्किल

नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। केंद्र सरकार के निर्देश पर उत्तराखंड में कराए जा विशेष गहन पुनरिक्षण (SIR) से ऊधमसिंहनगर की अधिकांश सीटों का राजनीतिक परिदृश्य बदल जायेगा,यानि 2027 के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के गढ़ के रुप में पहचान बना रही सीटों पर इसका पूरा असर दिखाई देगा। रुद्रपुर और किच्छा की सीट पर इसका सबसे बड़ा उलटफेर भी हो सकता है।

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बिहार में SIR के बाद देश कि विभिन्न राज्यों में चल रहे SIR को भाजपा बड़ी सफलता मान कर चल रही है,यह जरूरी भी, क्योंकि देश के की क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता दो जगह मतदान करते हैं,जिसपर रोक लगेगी,तो दूसरे देश से आए लोगों की पहचान में भी मदद मिलेगी।
उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर में हो रहे SIR से राजनीतिक परिदृश्य बदलने की बात कही जा रही,जो काफी हद तक सही भी है।
जमीनी हकीकत की बात करें तो रुद्रपुर विधानसभा में 35-40 प्रतिशत के करीब यूपी के मतदाता हैं, सिडकुल बनने के बाद वह यह आकार बसे हैं और मतदाता सूची में अपना नाम जुडबा चुके हैं, उनके यूपी की मतदाता सूची में भी नाम है। बाहर से आए अधिकांश लोग भाजपा के मजबूत मतदाता मानें जाते हैं। लेकिन SIR में उनके समाने एक जगह का मतदाता बनने का सवाल खड़ा हो गया है, ऐसे में यदि मतदाताओं ने यहां के अपने वोट कटवा दिए तो भाजपा की इस मजबूत सीट पर कांग्रेस बराबर में आकर खड़ी हो रही है,
इधर किच्छा सीट की बात करें तो यह पर सिरौली कला समेत अन्य स्थानों पर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने वाले लोग बड़ी संख्या में आकर बसे हैं, जिनके घर यूपी में भी मौजूद है, जिनमें अधिकांश लोग सरकारी भूमि , स्टांप पर जमीन लेकर बसे हुए हैं, किच्छा ऐसे लोगों की संख्या 20-25 प्रतिशत बताई जा रही है। SIR में इन लोगों में भगदड़ मची तय है, ऐसे लोगों के मतदाता सूची से नाम कटे तो फिर यह विधायक तिलक राज बेहड के किए मुश्किल और पूर्व विधायक शुक्ला के लिए शुभ संकेत लेकर आयेगा।
ऐसे ही SIR सितारगंज, काशीपुर,खटीमा, गदरपुर सीट पर भी सीधा असर करेगी।
