उत्तराखंड

तो ऊधमसिंहनगर में भाजपा को चुनौती देगा गंगवार परिवार! ऊधमसिंहनगर में भाजपा का प्रत्याशी घोषित होने के बाद मंथन जारी।गंगवार परिवार को बहुगुणा का चक्रव्यूह, दल-बदल की नीति पड़ी भारी। देखिए आकांडो की बाजीगरी 

रुद्रपुर(खबर धमाका)। ऊधमसिंहनगर में पिछले 23 वर्षों से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठा गंगवार परिवार इस बार भाजपा के चक्रव्यूह में फसता नजर आ रहा है। भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित करके अपना इरादा साफ कर दिया है,तो गंगवार परिवार अपने 23 वर्ष के शासन को आगे बडाने के लिए मंथन कर रहा। खबर यह भी है कि गंगवार परिवार भाजपा को चुनौती देने की तैयारी में है।यदि ऐसा हुआ तो ऊधमसिंहनगर में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव काफी दिलचस्प होना तय है।

ऊधमसिंहनगर में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने के गणित की बात करें तो यह पर कुल 35 सदस्य हैं, जिसमें कांग्रेस और भाजपा के पास बराबर-बराबर यानी 12-12 सदस्य हैं,11 सदस्य निर्दलीय है,जीत के लिए 18 सदस्यों की जरूरत पड़ेगी। पिछले दिनों जो खबरें समाने आ रही थी, उसके मुताबिक गंगवार परिवार 15 सदस्यों को पहले ही अपने पाले में ले लिया था, जबकि एक वोट खुद उनका है, ऐसे में गंगवार परिवार को सिर्फ दो सदस्यों की जरूरत पड़ेगी,जिसके लिए वह कोई भी मोल दे सकते हैं। बताया जा रहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के परिणाम आने के बाद से ही गंगवार परिवार सभी विकल्पों पर मंथन कर रहा था, ऐसे में भाजपा ने उनकी जगह अजय मौर्या को प्रत्याशी बनाया है,वह कोई हैरान करने वाली बात नहीं है। उनके समाने कांग्रेस से समर्थन लेने का विकल्प भी खुला है,यदि कांग्रेस ने उन्हें समर्थन कर दिया तो फिर भाजपा के समाने मुश्किलें खड़ी होनी तय है।

हालांकि जिला पंचायत और ब्लाक प्रमुख बनने में सबसे बड़ा खेल पैसे का है,और पैसा खर्च करने में गंगवार परिवार का कोई मुकाबला कर पायेंगा,इसकी उम्मीद कम ही है।

बहुगुणा का चक्रव्यूह और दल-बदल की नीति पड़ी भारी

लंबे समय से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने बैठे गंगवार परिवार को इस बार कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा का चक्रव्यूह में फसता नजर आ रहा है। इसके पीछे गंगवार परिवार द्वारा सितारगंज सीट पर सौरभ बहुगुणा को लगातार चुनौती देना मुख्य बजह मानी जाती है,इधर गंगवार परिवार के लगातार सत्ता के साथ रहने की नीति भी उसके लिए मुसीबत बनी है।