उधमसिंह नगर

तो अब जिलाध्यक्ष के खिलाफ और आक्रमक होगें बेहड। तीन सीटों पर जीत के बाद लगाए भाजपा का साथ देने का आरोप। लंबे समय से उठा रहे परिवर्तन की मांग

रुद्रपुर(खबर धमाका)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अपने क्षेत्र से भाजपा को क्लीन बोल्ड करने के बाद पूर्व मंत्री और किच्छा के विधायक तिलक बेहड ने सीधे पार्टी संगठन से जुड़े लोगों पर भितरघात करने का आरोप लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने साफ किया है कि पार्टी को मजबूत करने की इस लड़ाई में संगठन के कुछ लोगों ने भितरघात करने का काम किया है, जिसके उनके पास साक्ष्य मौजूद हैं। बेहड का इशारा कसी न कहीं पार्टी के जिला अध्यक्ष हिमांशु गाबा की तरफ था।

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ऊपर दिए लिंक में सुनिए किच्छा विधायक तिलक राज बेहड के आरोप 

उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत कर ही निपटें है। ऊधमसिंहनगर की बात करें तो भाजपा को जनता को नकार दिया है, निर्दलीय और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की बल्ले-बल्ले हो गई है। किच्छा क्षेत्र की तीनों सीटें कांग्रेस ने जीती है, जिसमें विधायक तिलक राज बेहड की मेहनत की चारों तरफ तारीफ हो रही है। जबकि खानपुर पूर्व में कांग्रेस प्रत्याशी की बुरी तरह हार हुई है।इस सीट पर जिस व्यक्ति महिला प्रत्याशी को कांग्रेस ने समर्थन दिया था, उसकी शिफारिश कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने ही कि थी। संगठन ने पूरा जिला छोड़कर सिर्फ इसी सीट पर प्रचार भी किया था, लेकिन नतीजे ढाक के तीन पात समाने आए। इधर किच्छा क्षेत्र की जिन तीन सीटों पर कांग्रेस जीती है, उसमें किसी भी सीट पर पार्टी संगठन प्रचार प्रसार करता नजर नहीं आया है।
इधर शुक्रवार को किच्छा विधायक तिलक राज बेहड ने पत्रकारों के समक्ष संगठन के कुछ लोगों का नाम लिए बैगर उनपर पार्टी प्रत्याशियों को हराने के लिए भाजपा से हाथ मिलाने का आरोप लगाया है, उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने खुद कुछ पार्टी के पदाधिकारियों को विपक्षी प्रत्याशियों की गाड़ी में बैठा देखा है, भाजपा का साथ दे रहे यह लोग मतदाताओं को फोन करके भाजपा समर्थित प्रत्याशी को वोट देने का दवाव भी बना रहे थे,इसके पुख्ता सबूत भी उनके पास है। बेहड ने कहा कि वह इस मामले को पार्टी हाईकमान के समक्ष रखकर कार्यवाही की मांग करेंगे। उन्होंने साफ कि वह पार्टी को मजबूत करने के लिए पसीना वहां रहे हैं, लेकिन संगठन के लोग AC कमरों में बैठकर राजनीति करना चाह रहे हैं। उनका इशारा साफ तौर पर पार्टी के जिला अध्यक्ष हिमांशु गाबा की तरफ था।
आपकों बता कि ऊधमसिंहनगर में ही नहीं पूरे कुमाऊं में किच्छा विधायक तिलक राज बेहड को सबसे बड़ा नेता माना जाता है, उन्हें तराई का शेर भी कहा जाता है, जिला हिमांशु गाबा कुछ नितियों को लेकर वह हमेशा आवाज उठाते रहे हैं, जिसके पीछे मुख्य बजह यह भी कि जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा पार्टी को एकजुट करने में कामयाब नहीं हो पाए हैं। धरातल पर उनकी पकड़ भी सिर्फ चंद लोगों तक ही सीमित है। उन्हें एक कमजोर जिलाध्यक्ष माना जाता है। उनकी कमजोर रणनीति की वजह से ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पार्टी सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी भी खड़े नहीं कर पाई थी।निकाय चुनाव में भी पार्टी को जिले में इसी का खामियाजा भुगतना पड़ा था। जबकि किच्छा विधायक तिलक राज बेहड जमीन से जुड़े नेता हैं। उन्होंने अकेले अपने दम पर जिला पंचायत सदस्य पद कि तीन सीटें भाजपा की तमाम घेराबंदी के बाद भी पार्टी की झोली में डालकर अपनी ताकत का एहसास करा दिया है।