परिवर्तन होगा या फिर चक्रव्यूह तोडेगा गंगवार परिवार! ऊधमसिंहनगर में जिपा. अध्यक्ष बनने को लेकर जोर अजमाइश शुरू।भाजपा से मौर्या का नाम चर्चा में,कांग्रेस ने अभी नहीं खोले हैं पत्ते।

रुद्रपुर(खबर धमाका)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद ऊधमसिंहनगर में जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख बनने के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो चुका है। सबसे ज्यादा चर्चा जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर व्रजमान रहे गंगवार की सत्ता बरकरार रहेगी या बचेगी इसको लेकर है। उनके समाने भाजपा के खटीमा क्षेत्र के अजय मौर्य का नाम खड़ा हुआ है तो कांग्रेस ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं।


ऊधमसिंहनगर में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर ताजपोशी कुछ बात करें तो उत्तराखंड गठन के बाद से लगातार बरा के गंगवार परिवार का कब्जा रहा है। गंगवार परिवार का इस कुर्सी पर आगे भी कब्जा बरकरार रहेगा,इसपर अब संकट खड़े हो गए हैं।
इसके पीछे कई कारण हैं। गंगवार परिवार पर दल बदल की मुहर लग चुकी है। इधर सितारगंज क्षेत्र के विधायक व सरकार में मंत्री सौरभ बहुगुणा गंगवार परिवार का लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उन्होंने गंगवार परिवार को रोकने की भरपूर कोशिश की थी,लेकिन पहला चक्रव्यूह तोड़कर गंगवार परिवार आगे बड़ चुका है। अब सिर्फ उसके समाने अंतिम पायदान बचा है, यदि उन्होंने इसे पार कर दिया तो जिला पंचायत अध्यक्ष पर फिर कब्जा करने का उनका सपना पूरा हो जाएगा।
इधर आकांडो की बात करें तो जनपद में जिला पंचायत के 35 सदस्य चुने गए हैं, जिसमें कांग्रेस और भाजपा के12-12 सदस्य हैं,11 निर्दलीय चुनाव जीतकर सदस्य चुने गए हैं। यानि निर्दलीय सदस्यों के पास जिला पंचायत अध्यक्ष चुनने की चाबी है। चुनाव के बाद जब सरकार ने प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनने के लिए आरक्षण की अधिसूचना जारी की थी,तो माना जा रहा था कि भाजपा की तरफ से भंगा सीट से चुनाव जीती निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार प्रत्याशी बनेगी, लेकिन शनिवार को खटीमा क्षेत्र से सदस्य चुने गए अजय मौर्य का नाम भी समाने आ गया है, बताया जाता कि मौर्या सीएम के काफी करीबी हैं,तो लंबे समय से भाजपा की सेवा कर रहे हैं। मौर्या के नाम पर भाजपा में एकराय भी बनती नजर आ रही है। सवाल यह उठ रहा कि भाजपा ने यदि अजय मौर्या को प्रत्याशी बनाया तो गंगवार परिवार का अगला कदम क्या होगा। फिलहाल कांग्रेस ने उन्हें समर्थन देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में गंगवार परिवार के समक्ष दो ही रास्ते बचे हैं एक तो वह अपनी दावेदारी से पीछे हट जाए या फिर कांग्रेस का मन जीत ले।
वैसे सूत्रों की मां तो गंगवार परिवार अभी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहा है। उन्होंने 15 सदस्यों का इंतजाम भी कर लिया, जिसमें कांग्रेस के समर्थित और कई निर्दलीय जीत हासिल करने वाले सदस्य शामिल हैं।पिछले दिनों सीएम धामी के खटीमा कार्यक्रम के दौरान सुरेश गंगवार और सीएम धामी का फोटो भी वायरल हुआ था।शोसल मीडिया पर वायरल फोटो में दावा किया गया था कि गंगवार परिवार को सीएम धामी का आर्शीवाद मिल चुका है।
फिलहाल जोड़-तोड़ का सिलसिला जारी है। गंगवार परिवार इतनी आसानी से अपनी दावेदारी छोड़ने वाला नहीं है। भाजपा ने यदि ने यदि सुरेश गंगवार को विश्वास में लिया बगैर अजय मौर्य को मैदान में उतारा तो मुश्किल खड़ी होनी तय है।
