उत्तराखंड

विधायक बड़ा या महापौर!रुद्रपुर में श्रेय लेने की होड़ ने खड़े किए सवाल।एक ही पार्टी के विधायक और महापौर में नूरा-कुश्ती।पार्टी के जिलाध्यक्ष के कदम से भी सभी है हैरान

रुद्रपुर(खबर धमाका)। रुद्रपुर में सत्ताधारी पार्टी के पार्टी के विधायक और महापौर के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दोनों के बीच नूरा-कुश्ती का खेल रहा है,तो कार्यकर्ता अपने आप को असहज महसूस कर रहे हैं। फिलहाल में जो स्थिति है उसमें महापौर बाजी मारते नजर आ रहे हैं।

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यूं तो उत्तराखंड में धामी के सत्ता में आने के बाद से विधायक शिव अरोरा और महापौर विकास शर्मा के बीच ताकत, श्रेय और एक दूसरे से आगे मजबूत होने की बात समाने आती रही है।जब 2021 में खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री बने तो विकास शर्मा एक दम सक्रिय हो गए थे, इसके बाद उन्हें संगठन की तरफ से प्रदेश मंत्री बनाया गया।इधर निकाय चुनाव से पहले टिकट को लेकर भी खूब जोर अजमाइश चली, बताया जाता कि विधायक शिव अरोरा नहीं चहाते थे कि विकास को महापौर का टिकट मिले, लेकिन मुख्यमंत्री के करीबी होने का फायदा उन्हें मिला और पार्टी ने विकास शर्मा को रुद्रपुर में महापौर पद का प्रत्याशी घोषित कर मैदान में उतारा दिया। चुनाव हुआ और विकास शर्मा की बड़ी जीत भी हुई। विकास शर्मा के महापौर निर्वाचित होने के बाद रुद्रपुर विधायक और महापौर के बीच नूरा-कुश्ती का खेल शुरू हो गया। विधायक के कार्यक्रम में महापौर और महापौर के कार्यक्रम में विधायक दूर बनाते नजर आते हैं। पिछले दिनों शहर के डीडी चौक और इंद्रा चौक पर त्रिशूल और डमरू लगाने की घोषणा के बाद भी स्थिति खुलकर समाने आई थी। महापौर का कहना था कि उन्होंने चुनाव के दौरान ही यह घोषणा कि थी, मुख्यमंत्री ने इसे मंजूरी देकर अपनी घोषणा में शामिल कर लिया था, लेकिन विधायक ने मुख्यमंत्री से मिलकर इस योजना का श्रेय लेने की कोशिश की। महापौर ने इसके बाद इंद्रा चौक पर त्रिशूल लगाने का भूमि-पूजन भी कर दिया। हालंकि अभी तक त्रिशूल की स्थापना नहीं हो पाई है। इधर पिछले काफी समय से हाईवे चौड़ीकरण, गांधी पार्क के सौंदर्यीकरण का मुद्दा भी दोनों के बीच तकरार की बजह बन गया। विधायक और महापौर इन दोनों को काफी समय से उठा रहे थे, लेकिन पिछले दिनों गृहमंत्री अमित शाह के रुद्रपुर दौरे के दौरान जब इनका शिलान्यास हुआ तो पत्थरों पर विधायक शिव अरोरा का नाम उसका लिखा था,जिसे विधायक ने अपनी बड़ी जीत बताने का प्रयास करते नजर आए। हाईवे चौड़ीकरण का पिछले दिनों विधायक ने शुभारंभ भी कर दिया, लेकिन उनका यह शुभारंभ सिर्फ मिठाई वितरण तक ही सीमित रहा। जिस कंपनी को निर्माण का ठेका मिला है, उसने काम शुरू नहीं किया। इधर सोमवार को सीएम धामी के जन्मदिन के मौके पर महापौर विकास शर्मा ने हाईवे चौड़ीकरण का शुभारंभ किया तो काम शुरू हो गया। शुभारंभ की बात करें तो कुछ नेता दोनों कार्यक्रम में मौके के हिसाब से जय जयकार करते नजर आए। महापौर के कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष कमल जिंदल,दो मंडल अध्यक्षों के साथ विधायक से दूरी बनाकर चल रहे पुराने भाजपा नेता भी शामिल हुए। महापौर ने पूर्व महापौर रामपाल सिंह और अनिल चौहान ने नारलियल फोडबाकर का इसका शुभारंभ कराया।
एक ही पार्टी के विधायक और महापौर के बीच चल रहे नूरा-कुश्ती के खेल में एक तरफ संगठन से जुड़े लोगों असमंजस की स्थिति है तो इसकी खूब चर्चा भी हो रही। गली-मोहल्लों और चौराहों पर लोग चर्चा कर रहे,कि आखिर यह हो क्या रहा है।लोग यह भी आकलन कर रहे है कि कौन किसपर भारी पड़ रहा है। इसका किसको फायदा मिलेगा यह आने वाला समय बताएगा।इधर दोनों के बीच जनता से जुड़ने की बात करें तो महापौर लगातार जनता से संवाद बनाए हुए है,जय जगह मौके पर पहुंच रहे तो विधायक शिव अरोरा इस मामले में काफी पीछे है।इसकी शिकायत भी लोग करते नजर आते हैं।
इधर भाजपा के जिला अध्यक्ष कमल जिंदल जो विधायक शिव अरोरा के काफी करीबी माने जाते हैं,उनका कदम भी काफी चर्चा में, चर्चा यह है कि जिलाध्यक्ष का मन अब डोलने लगा है।वह पार्टी के बीच चल रही मनमुटाव को खत्म करने में नाकामयाब साबित हो रहे,जिसका असर 2027 के चुनाव में देखने को मिलेगा।