एक गाय से शुरू हुआ सफर, नितिन डेयरी एंड फार्मिंग ने बदली बालकृष्ण की जिंदगी

चम्पावत(खबर धमाका)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित पशुपालन एवं डेयरी विकास योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार, आयवृद्धि एवं आत्मनिर्भरता को नई दिशा दे रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, बल्कि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक आजीविका के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।

इन्हीं योजनाओं का लाभ उठाकर जनपद चम्पावत के ग्राम अमोड़ी निवासी पशुपालक श्री बालकृष्ण भट्ट ने गौपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने नितिन डेयरी एंड फार्मिंग की स्थापना कर अपनी आर्थिक स्थिति को सशक्त एवं स्थिर बनाया है।
श्री बालकृष्ण भट्ट की प्रेरणादायक सफलता कथा यह प्रमाणित करती है कि सरकार की योजनाएं जब सही मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग एवं लाभार्थी की मेहनत के साथ जुड़ती हैं, तो वे ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार के सशक्त माध्यम बनकर उभरती हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती हैं।
श्री भट्ट ने अपनी उद्यमशील यात्रा की शुरुआत मात्र ₹35 हजार की सीमित पूंजी से की थी। इस धनराशि से उन्होंने एक गाय क्रय कर गौपालन व्यवसाय प्रारंभ किया। निरंतर परिश्रम, समर्पण एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त सहायता का समुचित उपयोग करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे अपने डेयरी व्यवसाय का विस्तार किया।
वर्तमान में उनके पास 7 दुधारू गायें एवं 6 छोटे पशु सहित कुल 13 पशु हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 50 से 55 लीटर दूध का उत्पादन किया जा रहा है। उत्पादित दूध का विपणन स्थानीय बाजारों एवं आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा रहा है।
डेयरी व्यवसाय से श्री भट्ट वर्तमान में प्रतिमाह लगभग ₹70 से ₹75 हजार तक की आय अर्जित कर रहे हैं, जिससे उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वे आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हुए हैं।
श्री भट्ट ने बताया कि राज्य सरकार की पशुपालन एवं डेयरी विकास योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त सब्सिडी, तकनीकी सहयोग एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने उन्हें व्यवसाय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने युवाओं एवं ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे भी पारंपरिक कृषि के साथ पशुपालन जैसे आजीविका आधारित कार्यों को अपनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लें और आत्मनिर्भर बनें।
