खटीमा सुरई रेंज में बाघ ने फिर किया महिला का शिकार।शौच के लिए घर से 50 मीटर दूर गई थी महिला। वन कर्मियों ने चार राउंड फायर कर शव को बाघ से कराया मुक्त

नरेन्द्र राठौर

रुद्रपुर (खबर धमाका)। ऊधमसिंहनगर के सुरई रेंज में बाघ ने एक महिला को अपना निवाला बनाया। वन विभाग की टीम ने चार राउंड फायर कर महिला के शव को बाघ से मुक्त कराया। क्षेत्र में बाघ अब तक 10 लोगों की जान ले चुका है। जिससे लोगों में दहशत है

बुधवार की सुबह लगभग साढ़े छह बजे नवदिया सरपुड़ा गांव निवासी 49 वर्षीय सुभावती पत्नी विरजा प्रसाद शौच के लिए जंगल की ओर गई थी। काफी समय बाद महिला जब घर वापस नही आई तो उसका पति उसे ढूढ़ने जंगल की ओर चला गया। घर से मात्र 50 मीटर की दूरी पर महिला का शाल व चप्पल मिलने से उसके पति को अनहोनी की आशंका हुई। इस पर उसने वहां शोर मचाया तो ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही सुरई रेंज के वनक्षेत्राधिकारी आरएस मनराल वन कर्मियों के साथ बख्तरबंद टै्रक्टर लेकर घटना स्थल पहुंचे। जहां उन्होंने महिला की तलाश शुरू की। घटना स्थल से लगभग पांच सौ मीटर दूरी खकरा कम्पार्ट संख्या-14 में महिला का क्षतविक्षत शव पड़ दिखाई पड़ा। जहां बाघ भी मौजूद था। वन विभाग ने चार राउंड फायर कर बाघ को खदेड़कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए उप जिला चिकित्सालय ले आए। एसआई रूबी मौर्या ने शव का पंचनामा भरा और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। बाघ के हमले से महिला की मौत पर गांव में मातम है, वह परिजन भी सदमे में है।
मृतका व उसका पति मजदूरी कर जीवन यापन करते है। मृतका के दो पुत्र हरिचरन(30) व राहुल(25) व तीन पुत्रिया सरिता(27) सीमा(22) व सरस्वती(20) है। सभी की शादी हो चुकी है। रेंजर आरएस मनराल ने बताया कि महिला के शव से बाघ का लार एकत्र किया गया है। मृतका के शरीर से बाघ के बाल भी एकत्र कर जांच के लिए भेजे जा रहे है। रेंजर मनराल ने ग्रामीणों को जंगल में प्रवेश नहीं करने की चेतावनी जारी की है। एसडीओ संचिता वर्मा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृतका के परिजनों को सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता की कार्रवाई की जाएगी।
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खटीमा। यूपी सीमा से सटे नवदिया सरपुड़ा गांव में लगभग 70 परिवार रहते है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में वर्ष 2015-16 में केन्द्र सरकार की योजना में शौचालय का निर्माण कराया गया था, लेकिन शौचालय की गुणवत्ता ठीक नही होने के कारण कुछ वर्षो में ही आधे से अधिक शौचालय क्षतिग्रस्त हो गए। जिससे ग्रामीणों को शौच के लिए जंगल का रूख करना पड़ता है।
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खटीमा। बाघ व अन्य जंगली जानवरों की दहशत के साये में जीने को मजबूर हो रहे है बग्गा, सरपुड़ा, नवदिया, रमकोला व दरोगा फार्म के ग्रामीण। ग्रामीणों के अनुसार बाघ लगातार आबादी क्षेत्रां में आवाजाही करते है। पूर्व में भी बाघ गांव के कई पालतू पशुओं का निवाला बना चुका है। बाघ की दहशत के कारण ग्रामीण घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है

