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कथित भाजपा नेता गफ्फार की गिरफ्तारी के बाद खड़े हुए सवाल!राजनीति संरक्षण में अपराधी बने गफ्फार की ऊधमसिंहनगर पुलिस को भी करनी चाहिए जांच!दंगों में हथियार सप्लायर जैसा दाग,अवैध खनन समेत 10 मुकदमें थे दर्ज।भाजपा जिलाध्यक्ष बोले गफ्फार नहीं था भाजपा का सदस्य 

नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। बुधवार को किच्छा के दरुऊ गांव के ग्राम प्रधान का पति गफ्फार खां को बहेड़ी पुलिस घसीटकर ले गई। उसपर बरेली दंगों में हथियार सप्लाई करने का मुकदमा दर्ज था,इधर गफ्फार की गिरफ्तारी के बाद कई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऊधमसिह नगर पुलिस को गफ्फार के कारनामों की गहराई से जांच करनी चाहिए।इधर भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल की मानें गफ्फार खां भाजपा का सदस्य नहीं था, विधानसभा चुनाव से पहले उसने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। अपराधी लोगों से भाजपा का कोई संबंध नहीं है। एसएसपी अजय गणपति की मानें तो पूरा मामला बरेली पुलिस से जुड़ा था, इससे पहले गफ्फार के खिलाफ लगातार कार्रवाई हुई है, आरोपी का एक बार गुंडा एक्ट में भी चालान किया जा चुका है। अपराधियों के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी  

गफ्फार कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं था उसपर बरेली दंगों में हथियार सप्लाई का आरोप था, जबकि उसपर पहले ही अवैध खनन समेत 10 मामले पहले ही दर्ज थे।

नीचे दिए लिंक में सुनिए बहेड़ी के सीओं का दावा 

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यह रहा आरोपी गफ्फार का अपराधिक रिर्पोट कार्ड 

बहेड़ी पुलिस ने 19 फरवरी को पांच पिस्टल और कारतूसों के साथ इशरत अली और फरत अली गैंग के दो लोगों को गिरफ्तार किया था, बहेड़ी पुलिस ने दावा किया था कि पकड़े आरोपी हथियार दरुऊ के गफ्फार खां को देने आ रहे थे। पुलिस ने भी कहा था कि इसी गैंग ने बरेली दंगों में हथियारों की सप्लाई की थी। बहेड़ी पुलिस ने गफ्फार को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी, किच्छा विधायक तिलक राज बेहड उस समय किच्छा के पूर्व विधायक ने गफ्फार की बड़ी पैरवी कर गफ्फार को छुड़ाने समेत अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था,जिसके बाद पूर्व विधायक लगातार गफ्फार को निर्दोष साबित करने की मुहिम में भी लगे नजर आए, बुधवार को गफ्फार को बहेड़ी पुलिस घसीटकर ले गई, बहेड़ी पुलिस ने गफ्फार का अपराधिक रिर्पोट कार्ड भी मीडिया के समाने पेश किया है। गफ्फार के खिलाफ एक या दो नहीं बल्कि दस मुकदमे है, जिसमें तीन मुकदमे अबैध खनन से जुड़े हैं।

सवाल यह उठ रहा कि फरवरी में जब गफ्फार का नाम बरेली दंगों से जुड़ा था और हथियार सप्लाई की बात समाने आई थी,तब ऊधमसिंहनगर पुलिस खामोश क्यों बैठी रही, जबकि ऊधमसिंहनगर में लगातार अवैध हथियार पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं,जो आरोपी बरेली दंगों में हथियार सप्लाई कर रहा था, उसने ऊधमसिंहनगर में कहां कहां और कितने हथियार सप्लाई किए हैं। ऊधमसिंहनगर पुलिस को इसकी गहराई से जांच करनी चाहिए।

हालांकि एसएसपी अजय गणपति के कमान संभालेंगे के बाद अवैध हथियार रखने और सप्लाई करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है। पिछले माह पुरानी ने बड़े पैमाने पर ऐसे लोगों की गिरफ्तारी कर अवैध हथियार बरामद किए थे।

उम्मीद है गफ्फार का नाम बरेली दंगे में हथियार सप्लाई करने में आने के बाद ऊधमसिंहनगर पुलिस उसके कारनामों की गहराई से जांच करेंगी