उत्तराखंड

तो गुरदीप के ढाबे पर लिखी जाती थी अपराधी बारदातो की कहानी मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपी पर पहले से तीन थानों में दर्ज है गंभीर धाराओं में केस। पुलिस से बचने के लिए चला रहा था घर 70 किलोमीटर दूर खोला था ढाबा। जिले के तेज तर्रार दरोगाओं ने मुकाबला कर दबोचा

 

नरेन्द्र राठौर
रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर के किच्छा क्षेत्र में बृहस्पतिवार देर शाम हुई पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ में गिरफ्तार बदमाश व उसके साथी को पुलिस ने जेल भेज दिया।आरोपियों के पास से पुलिस ने एक पिस्टल,एक तंमचा, जिंदा कारतूस,बाइक,एक कार बरामद की है। आरोपियों के फरार तीन साथियों में दो हल्द्वानी के सर्राफा पर फायरिंग के आरोपी बताए जा रहे। पुलिस टीम जिन पुलिस अधिकारी का नाम जोड़ा गया है, उनमें थानाध्यक्ष पुलभट्टा कमलेश भट्ट और एसएसआई कमाल हसन पहले से ही अपराधियों के लिए खौफ बनते रहे हैं। दोनों को तेज तर्रार पुलिस उपनिरीक्षको में गिनती होती है।


एसएसपी मंजूनाथ टीसी बीती रात बरा में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार को हल्द्वानी के एक सराफ कारोबारी पर कुछ बदमाशों ने फायरिंग कर दी थी। बृहस्पतिवार को नैनीताल पुलिस से ऊधमसिंह नगर की पुलिस को इनपुट मिला था कि बदमाश पुलभट्टा से आगे सितारगंज के पास बरा क्षेत्र में है। इंनपुट के आधार पुलिस ने वहां जाकर घेराबंदी शुरू कर दी। अपराधियों की घेराबंदी के लिए जिला मुख्यालय के आला पुलिस अधिकारियों समेत किच्छा कोतवाली, पुलभट्टा थाना और सितारगंज कोतवाली की पुलिस को लगाया गया था। घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी क्रॉस फायरिंग की है। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी का नाम गुरदीप सिंह निवासी बेरिया दौलत बताया गया है। इधर चार बदमाश मौके से फरार हो गये। पुलिस ने फरार बदमाशों की घेराबंदी जारी रखी, बाद में घायल गुरदीप का साथी देवेन्द्र सिंह उर्फ गिन्नी पुत्र कश्मीर सिंह निवासी डलपुरा थाना गदरपुर को सितारगंज की सरकडा चौकी क्षेत्र से तंमचा व कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया।

 

जबकि गिरफ्तार आरोपियों के साथी रमन कपूर उर्फ जिम्मी पुत्र कुलदीप कुमार निवासी सैंथवाला गूलरभोज, मनोज अधिकारी पुत्र दिनेश अधिकारी निवासी गौजाजली हल्द्वानी व आकाशदीप सिंह पुत्र मलकीत सिंह निवासी पुलभट्टा अभी फरार है। एसएसपी के मुताबिक हल्द्वानी में बुधवार को सर्राफा पर मनोज व आकाशदीप ने ही फायर झोंका था, जिसके बाद दोनों बरा में गुरदीप के ढाबे पर बैठकर अन्य घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक गुरदीप पर लालकुआं, गदरपुर और पुलभट्टा थानें में गंभीर धाराओं में पांच मामले दर्ज हैं। बताया जाता की मुठभेड़ में घायल गुरदीप कई घटनाओं को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए बरा में ढाब खोलकर वहीं से आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा था। ढाबे पर उत्तराखंड के साथ ही यूपी के बदमाशों की भी आवाजाही रहती थी। पुलिस टीम में एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल , सीओं सितारगंज ओमप्रकाश शर्मा, थानाध्यक्ष पुलभट्टा कमलेश भट्ट,एसएसआई रुद्रपुर कमाल हसन,एस आई पवन जोशी, कांस्टेबल ललित चौधरी, धर्मवीर सिंह, रणबीर सिंह शामिल थे।

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