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उधमसिंह नगर

*पिछले दो दिनों में बदला किच्छा का माहौल,भाजपा के लिए राहत की खबर,मतदान से पहले के 36 घंटे अहम* *भाजपा का कैडर वोट करेगा बड़ा उलटफेर* *महापौर विकास शर्मा और सुरेश कोली की सभाओं का दिख रहा असर।* *निर्दलीय प्रत्याशी के सिलेंडर का धुआं भी दिखा रहा अपना असर।*

रुद्रपुर(खबर धमाका)। किच्छा निकाय में आज चुनावी शोर पूरी तरह थम गया। 22 सितंबर यानी 36 घंटे बाद मतदाता मैदान में उतरे प्रत्याशियों का भाग्य लिखने के लिए पोलिंग बूथ पर पहुंच जायेंगे, लेकिन किच्छा का चैयरमैन कौन बनेगा, जनता भाजपा को आर्शीवाद देगी या फिर कांग्रेस को, निर्दलीय प्रत्याशी भी अपने आपको इस दौड़ में सबसे आगे बता रहा।

फिलहाल चुनावी शोर थमने तक की बात करें,तो शुरुराती दौड़ में सबसे ऊपर दिख रही कांग्रेस का ग्राफ दो दिन में कुछ कम हुआ है, इसके पीछे भाजपा का मजबूत मैनेजमेंट और महापौर विकास शर्मा, पूर्व मेयर के पति सुरेश कोली के सभाओं ने हवा को बदल दिया है,यानी की मतदाताओं का मन बदल दिया है। भाजपा के खिलाफ जिन भाजपा बहुल्य क्षेत्रों में नाराजगी दिख रही था वह चुनाव प्रचार के अंतिम समय में कम होती दिखाई,यानी भाजपा कैडर वोट, जिसपर कांग्रेस की नजर थी वह भाजपा की तरफ लौटता नजर आ रहा,

ऐसे में आने वाले 36 घंटे अहम् होने वाले,इन घंटों में यदि भाजपा ने उनकी नाराजगी पूरी तरह खत्म कर दी तो फिर कांग्रेस के इरादों पर पानी फिर जायेगा और किच्छा नगर पालिका में भाजपा का चैयरमैन बनने का सपना पूरा हो जाएगा।

चुनाव में मतदाताओं में प्रदेश में सरकार भाजपा की होने, हिंदू मुस्लिम का फैक्टर भी काम करता नजर आ रहा।

इधर निर्दलीय प्रत्याशी अब्दुल रसीद जक्कू का सिलेंडर भी धुआं उगलता दिख रहा है, पिछले चुनाव में जक्कू ने कांग्रेस प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दी थी, जक्कू की मुस्लिम मतदाताओं में अच्छी पकड़ है,एक तरफ कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों ने चुनाव में शोर मचाया तो जक्कू ने शांत रहकर घर-घर जाकर वोट मांगे हैं,और अपनी प्राथमिकताएं भी मतदाताओं को समझाई है, जिससे उन्हें हल्के में लेना बड़ी भूल साबित हो सकती है, ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय भी हो सकता है।

फिलहाल मतदाता किसके सिर किच्छा का ताज सजायेंगे या तो 24 सितंबर को पता चलेगा, लेकिन भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोरा जीत पर चर्चाएं शुरू हो गई है।