मांगों को लेकर कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कार्मिकों ने किया कार्य बहिष्कार।दीर्घ अवधि से लम्बित मांगो के निराकरण हेतु एडीएम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
रुद्रपुर(खबर धमाका)। शनिवार को कलेक्ट्रेट मिनस्ट्रियल संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने एक दिवसीय कार्यबहिष्कार कर एडीएम प्रशासन के माध्यम से सरकार को सात सूत्रीय ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में उत्तराखण्ड कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कार्मिकों की काफी लम्बे समय से मा० राजस्व परिषद / शासन स्तर पर लम्बित मांगो का निराकरण हेतु लगातार संगठन द्वारा अनुरोध किया जा रहा है। पूर्व में मुख्य सचिव/ अध्यक्ष मा० राजस्व परिषद / आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद स्तर पर लम्बित मांगों के निराकरण हेतु निरन्तर प्रत्यावेदन दिये जाने तथा व्यक्तिगत रूप से प्रतिनिधि मण्डल द्वारा सम्पर्क करने के बाद भी कोई सकारात्मक कार्यवाही न होने से प्रदेश के समस्त कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कार्मिकों में हताशा एवं आकोश की स्थिति उत्पन्न हो रही है। माननीय महोदय जी कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कार्मिक विभागीय कार्यों के कुशल संचालन एवं प्रशासनिक व्यवस्था की एक महत्वपर्ण कड़ी है, किन्तु राजस्व परिषद / शासन द्वारा कार्मिकों की मांगों के प्रति की जा रही उपेक्षा के कारण आप से न्यायोचित निराकरण की अपेक्षा / प्रार्थना करते हए उत्तराखण्ड कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ द्वारा निम्नलिखित लम्बित मांगें आपके समक्ष प्रस्तुत की जा रही हैं:-
1. कलेक्ट्रेट ढाँचे का पुनर्गठनः- वर्ष 2005 से लंबित कलेक्ट्रेट ढाँचे के पुनर्गठन की प्रक्रिया का शीघ्र पूर्ण किया जाय।
2. कलेक्ट्रेट को विशेष कार्यालय / विभाग का दर्जा प्रदान किया जाए।
3. कनिष्ठ सहायक की शैक्षणिक योग्यता इंटर के स्थान पर स्नातक की जाए एवं तद् नुसार ग्रेड पे (कनिष्ठ सहायक-2800, वरिष्ठ सहायक-4200, प्रधान सहायक-4600, प्रशासनिक अधिकारी-4800, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी-5400 तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी-6600) संशोधित किया जाए।
4. मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित किया जाए।
5. पदोन्नति में कोटाः नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति हेतु कलेक्ट्रेट संवर्ग से 10 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया जाए।
6. विभागीय पदोन्नतिः वरिष्ठ एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के रिक्त पदों पर शासनाहेशानुसार ससुमय पदोन्नति की जाए।।
7. स्थानांतरण प्रकरणः पारस्परिक एवं निजी अनुरोध के आधार पर लंबित स्थानांतरण प्रार्थना पत्रों का निस्तारण।
कर्मचारियों का कहना था कि न्यायालय उच्च रिट पिटीशन मा० उल्लेखनीय है, कि संख्या-115/2018 में पारित आदेश दिनॉक 29.08.2018 में स्पष्ट निर्देश दिये गये है, कि कर्मचारी संगठनों की माँगों के क्रम में समिति बनाकर 03 माह में मॉगों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाय, बाबजूद न्यायालय के आदेश के उत्तराखण्ड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ की उक्त मॉगों का शासन स्तर से कोई संज्ञान न लिया जाना कार्मिकों की घोर उपेक्षा के साथ-साथ माननीय न्यायालय के आदेश की खुली अवहेलना है।
ज्ञापन में मांग की गई कि प्रदेश में कार्यरत समस्त कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कार्मिकों के संबंध में सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए समाधान हेतु शासन/राजस्व परिषद स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय हेतु यथोचित निर्देश/आदेश निर्गत करने की कृपा करेंगे। जिसके लिए उत्तराखण्ड कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ सैदव आपका आभारी रहेगा।
इस दौरान संगठन के अध्यक्ष गौरव रावत,संरक्षक भरत, सलाहकार कैलाश नेगी,आशुतोष, विकास, राजेन्द्र सिंह नेगी, संजीव चौहान, सचिन काला समेत अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

