सुखबंत के बाद अब ओमप्रकाश,किसान की मौत के बाद जागा सिस्टम।ऊधमसिंहनगर का आईटीआई थाना क्षेत्र फिर आया चर्चा में। पिछले वर्ष किसान सुखवंत ने भी खुद को गोली मारकर कर दे दी थी जान।
रुद्रपुर(खबर धमाका)। ऊधमसिंहनगर के भू माफियाओं की दबंगई खत्म नहीं हो रही है। पिछले वर्ष हुए किसान सुखवंत सिंह के खुद को गोली से उड़ानें मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि अब इसी क्षेत्र में एक और घटना सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है, जमीन पर कब्जे से आहत किसान की सदमे मौत चर्चा का विषय हुई है। किसान की मौत के बाद जागे सिस्टम ने अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए उसे न्याय दिलाया है,
खबरों के मुताबिक खड़गपुर देवीपुरा में अपनी कृषि भूमि पर भू-माफिया की ओर से कब्जे से आहत 80 वर्षीय बुजुर्ग ओमप्रकाश की सदमे से मौत हो गई। परिजनों ने भू-माफिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए तब तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया जब तक प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश नहीं की। प्रशासन की ओर से अवैध बाउंड्री वॉल तुड़वाए जाने के बाद ही परिजनों ने बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया।
मृतक ओमप्रकाश के पुत्र जितेंद्र अरोड़ा ने बताया कि उनके पिता खड़गपुर देवीपुरा स्थित अपनी कृषि भूमि पर वर्षों से खेती कर रहे थे। आरोप है कि एक अधिवक्ता और उसके कुछ अज्ञात साथियों ने पुलिस की मिलीभगत से जमीन के एक हिस्से पर कब्जा कर वहां बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी थी। अपनी आंखों के सामने जीवन भर की कमाई को लुटता देख उन्हें को गहरा मानसिक आघात लगा जिसके कारण मंगलवार रात उनकी जान चली गई।
बुजुर्ग की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने बुधवार को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और भूमि की तत्काल पैमाइश की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और भूमि की पैमाइश कराई। पैमाइश में शिकायत सही पाए जाने पर प्रशासन ने वहां खड़ी की गई बाउंड्री ढहा दी। इसके बाद परिजनों ने शव का दाह संस्कार किया।
बता कि पिछले वर्ष इसी क्षेत्र में सुखवंत सिंह ने भू-माफिया से तंग आकर खुद को गोली से उडा लिया था, सुखवंत ने सुसाइड से पहले एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जिसमें भू-माफियाओं के साथ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे, उन्होंने वहां के तत्कालीन थानाध्यक्ष, तत्कालीन एसएसपी पर भी भू-माफियाओं से मिलीभगत के आरोप लगाए थे।भारी हंगामे के बीच सरकार ने सीधे इस मामले का संज्ञान लिया था एसआईटी जांच में इसकी पर्ते भी खुलने शुरू हो चुकी है।
सवाल यह उठ रहा कि समय रहते सिस्टम ऐसे मामलों को गंभीरता से क्यों नहीं लेता है।
