उत्तराखंड

राजनीति में सतत तर्कपूर्ण संवाद अति आवश्यक,रावत।पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में हार से डरें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत।किया 15 मई से प्रदेश का भ्रमण का ऐलान 

नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में हुई करारी हार के बाद उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बड़ा ऐलान कर दिया है। श्री रावत ऐलान किया कि वह 15 मी से प्रदेश का भ्रमण करके जनता से सीधा संवाद करेंगे।

श्री रावत ने जारी बयान में कहा चुनाव परिणामों के बाद मुझे अत्यधिक गंभीरता के साथ यह अनुभूति हुई कि राजनीति में सतत तर्कपूर्ण संवाद अति आवश्यक है। मैंने बहुत सोच-विचार कर यह निर्णय लिया है कि मैं 15 मई 2026 से राज्य भर में घूम-घूम कर संवाद करूंगा।

बोले मेरे संवाद के तीन लक्ष्य समूह होंगे।

1. राज्य का वह प्रबुद्ध वर्ग जो राज्य आंदोलन और राज्य निर्माण से अत्यधिक उत्साहित था। मैं उनसे यह जानने का प्रयास करूंगा कि इस 25 साल की यात्रा में क्या हम सही दिशा की ओर बढ़ रहे हैं? क्या हमारा मार्ग चयन तर्कसंगत है?

2. राज्य में अलग-अलग स्थान पर अलग-अलग बैनर्स के नीचे जन समस्याओं और एक निश्चित सोच के लिए कार्यरत संघर्षशील व्यक्तियों और संगठनों से भी संवाद करूंगा। ताकि हम मिलजुल कर 2027 में परिवर्तन ला सकें। हम उनकी क्षमता का क्या और कैसे उपयोग करें? यह जानना आवश्यक है।

3. शिक्षित नौजवान जो निराश हो रहे हैं। रोजगार देने के मामले में मेरे नेतृत्व में बनी कांग्रेस सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड कुल मिलाकर अच्छा रहा है। वर्ष 2014 में राज्य ने बेरोजगारी की वार्षिक वृद्धि दर 13% से ऊपर थी। जिसे वर्ष 2017 में देश भर में सबसे न्यूनतम डेढ़ प्रतिशत लाने में हम सफल हुए थे। आज भी मेरे पास रोजगार और स्वरोजगार का एक स्पष्ट रोड मैप है।

श्री रावत के  मुताबिक इस अभियान को हरिद्वार में मां गंगा और कुमाऊं अंचल में ग्वेल देवता (गोलू देवता) तथा गढ़वाल में घंडियाल व कचडू देवता का आशीर्वाद लेकर प्रारंभ करूंगा। सबका सहयोग प्रार्थित है।