नगर निगम एवं नगर पालिका में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों को स्वामित्व योजना का लाभ दिलाने की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
रुद्रपुर(खबर धमाका)। किच्छा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष श्री मयंक तिवारी ने खटीमा स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय (लोहिया हेड) में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट कर वर्ष 2018 के परिसीमन के दौरान नगर निगम एवं नगर पालिका की सीमा में शामिल हुए ग्रामीण क्षेत्रों को केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना का लाभ दिलाए जाने की मांग को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2018 में हुए परिसीमन के बाद अनेक ग्रामीण क्षेत्र नगर निगम एवं नगर पालिका की सीमा में शामिल हो गए। इसके चलते ये क्षेत्र ग्रामीण श्रेणी से बाहर हो गए और केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के अंतर्गत कराए जाने वाले सर्वे से वंचित रह गए। परिणामस्वरूप इन क्षेत्रों में वर्ग 6-2 (आबादी) भूमि पर वर्षों से काबिज हजारों परिवार आज भी अपने मकानों और भूमि के मालिकाना हक से वंचित हैं।
श्री मयंक तिवारी ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि जिन गांवों को परिसीमन के कारण शहरी क्षेत्र में शामिल किया गया है, उनका भी ग्रामीण क्षेत्रों की भांति स्वामित्व योजना के तहत विशेष सर्वे कराया जाए तथा पात्र परिवारों को उनकी आबादी भूमि का मालिकाना अधिकार प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूमि संबंधी दस्तावेजों के अभाव में बैंक ऋण, भवन निर्माण, संपत्ति हस्तांतरण सहित विभिन्न प्रशासनिक एवं राजस्व संबंधी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इन परिवारों को स्वामित्व योजना का लाभ मिलना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ग 6-2 (आबादी) भूमि पर काबिज लोगों को स्वामित्व योजना के माध्यम से मालिकाना अधिकार दिए जा रहे हैं, लेकिन परिसीमन के कारण नगर निगम एवं नगर पालिका में शामिल हुए गांव इस योजना से वंचित रह गए हैं। इस स्थिति के कारण लोगों में अपनी भूमि के स्वामित्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ज्ञापन पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मामले की गंभीरता को स्वीकार किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश देने और पात्र लाभार्थियों को शीघ्र स्वामित्व योजना का लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित यह समस्या शीघ्र हल होगी और नगर निगम एवं नगर पालिका में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी उनकी आबादी भूमि पर वैधानिक मालिकाना हक प्राप्त हो सकेगा।
