वर्षाकाल में अलर्ट मोड पर रहें अधिकारी,रुहेला।आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सलाहकार समिति की वर्चुअल बैठक आयोजित।जनपद में 29 बाढ़ चौकियां स्थापित
नरेन्द्र राठौर
रुद्रपुर(खबर धमाका)। राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने कहा कि वर्षाकाल में अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें। मौसम विज्ञान के नियमित पूर्वानुमान की सूचना का अधिकारी संज्ञान लेकर काम करें। आगामी दिनों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। आईआरएस (इंस्टेंट रिस्पॉस सिस्टम) व नोडल अधिकारी को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार को विनय रूहेला की अध्यक्षता में उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सलाहकार समिति की वर्चुअल बैठक हुई। उपाध्यक्ष ने कहा कि नदियों में जलस्तर बढ़ने पर पैनी नजर रखी जाए। अलार्म सिस्टम चालू रखें। उन्होंने नदियों के जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति से पूर्व नदी किनारे बसे लोगों को विस्थापित करने को कहा। उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए। अपर सचिव आपदा आनंद स्वरूप ने खाद्य आपूर्ति अधिकारियों को फूड पैकेट बनाकर रखने के निर्देश दिए। वहां उप नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, डीईओ डीएस राजपूत, एसीएमओ डॉ. राजेश आर्या, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, जिला युवा कल्याण अधिकारी बीएस रावत, सिंचाई ईई पीसी पांडे, जल निगम की ईई ज्योति पालनी, विद्युत ईई विजय सकारिया, लोनिवि ईई ओपी सिंह, सीवीओ डॉ. एसबी पांडे, सीएफओ ईशान कटारिया मौजूद थे।
जिले में बनाई गई 29 बाढ़ चौकियां
रुद्रपुर। एडीएम अशोक कुमार जोशी ने बताया कि जिला व तहसील स्तर पर आपदा कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित है। कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। 29 बाढ़ चौकियां व आठ बाढ़ नियंत्रण केंद्र बनाई गई है। विस्थापन व आश्रय के लिए विद्यालयों व नजदीकी पंचायत घरों को चिन्हित किया है। नदी-नालों की सफाई की जा रही है। दस नदियाें व जलाशयों की भी डिसिल्टिंग हो गई। 32 आपदा न्यूनीकरण कार्य भी किए गए। जलभराव की दृष्टि से 52 संवेदनशील व 72 अतिसंवेदनशील स्थान चयनित हैं। उन्होंने बताया कि जीपीएसयुक्त जेसीबी लगाई गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आपदा व डेंगू से बचाव की तैयारियां की है