राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026 के उपलक्ष्य में भौतिक विज्ञान विभाग में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन
नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। भौतिक विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026 (23/08/2026) के उपलक्ष्य में दिनांक 24 अगस्त 2026 को विभाग परिसर में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि एवं जागरूकता विकसित करना तथा भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों से विद्यार्थियों को परिचित कराना था।
कार्यक्रम के अंतर्गत “Space Technology & India in Space” विषय पर भाषण प्रतियोगिता तथा ऑन-स्पॉट पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गई। दोनों प्रतियोगिताओं में विज्ञान विभाग के विभिन्न सत्रों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, तथा अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों को अपने विचारों एवं रचनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
भाषण प्रतियोगिता में बी.एससी. पंचम सत्र के आयुष सती ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.एससी. प्रथम सत्र की संध्या ने द्वितीय, तथा बी.एससी. प्रथम सत्र के कमल गोस्वामी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान बी.एससी. पंचम सत्र की संजना, द्वितीय स्थान बी.एससी. तृतीय सत्र के मयंक भंडारी, तथा तृतीय स्थान तृतीय सत्र के मनीष रावत द्वारा प्राप्त किया गया।
कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पाण्डेय ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता एवं अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दोनों प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें डॉ. प्रसून जोशी, डॉ. भारत पाण्डेय, डॉ. सी. एस. पंत एवं डॉ. शंकर कुमार शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. शीतल चौहान (भौतिक विज्ञान विभाग प्रभारी), डॉ. आशा उप्रेती, एवं डॉ. स्तुति जोशी द्वारा किया गया।
