*विश्लेषण:किच्छा की कुर्सी,जक्कू की दौड तय करेंगी भाजपा-कांग्रेस का भविष्य।* *फिलहाल कांटे का मुकाबला, कांग्रेस को कम आंकना* *भाजपा के लिए पड़ेगा भारी।*भाजपा की नजर जक्कू की दौड़ पर,कांग्रेस मतदाताओं को कर रही अगाह*
नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ऊधमसिंहनगर किच्छा और सिरौली कला में हो रहा निकाय चुनाव पर हर किसी की नजर है,माना जा रहा कि जिस पार्टी को इस निकाय चुनाव जीत मिलेगी, विधायक भी उसी पार्टी का बनेगा, ऐसे में 2027 का सेमीफाइनल माने जा रहे चुनाव में शुक्ला और बेहड का भविष्य में जनता 22 तारीख को ही लिख देगी,यह माना जा रहा है।
किच्छा और सिरौली कला की बात करें तो सिरौली में भाजपा ने अपना प्रत्याशी नहीं उतरा है, लेकिन किच्छा में भाजपा कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा ने तीन बार के पाषर्द संदीप अरोरा पर भरोसा जताया है,तो कांग्रेस ने ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले राजेश प्रताप सिंह को मैदान में उतारा है, निर्दलीय के रुप में मुस्लिम प्रत्याशी जक्कू भी मैदान है।
22 सितंबर को मतदान और 24 अक्टूबर को परिणाम समाने है, चुनाव प्रचार में कांग्रेस की तरफ विधायक तिलक राज बेहड ताबड़तोड़ सभाएं कर भाजपा खासकर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला पर लगातार जुबानी हमला बोल रहे हैं, जिससे भाजपा असहज शेर आ रही,बेहड भाजपा प्रत्याशी को लेकर भी सवाल उठा रहे, उन्होंने जनता से दोनों प्रत्याशियों की तुलना करने करके मतदान का भी आह्वान किया है,
इधर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का कहना कि बेहड विकास पर बहस करने की जगह अनर्गल बातें करके जनता को गुमराह कर रहे हैं, विधायक को विकास पर बहस करनी चाहिए, पूर्व विधायक शुक्ला बेहड पर गुंडों को संरक्षण देने, पूर्व की लोगों की हत्याएं कराने का भी आरोप चुनाव प्रचार में लगा रहे। पूर्व विधायक का दावा
कि उनकी कोशिश किच्छा में बड़े बड़े काम हुआ है
यानी शुक्ला और बेहड दोनों मोर्चा संभाला रखा है।
इधर दोनों पार्टियों के बीच में कांग्रेस की बागी निर्दलीय प्रत्याशी अब्दुल रसीद चक्कू की दावेदारी सबसे ज्यादा दिलचस्प है। माना जा रहा कि जक्कू कांग्रेस को बड़ा नुक्सान पहुंच सकते हैं,यादी जक्कू पांच हजार मतदाताओं का भरोसा लेने में भी सफल हुए तो फिर भाजपा की उम्मीद बढ़ जायेगी, कांग्रेस विधायक तिलक राजबेहड को इसका एहसास भी है,अपनी चुनावी सभा में बेहड मतदाताओं से यह आह्वान की कर रह रहे कि बट मत जाना, नहीं तो खेल बिगड़ जायेगा।
इधर भाजपा की नजर भी जक्कू की दौड़ भी है, भाजपा के नेताओं ने अपने बयानों यह भी कहना शुरू कर दिया कि उनकी लड़ाई कांग्रेस की जगह निर्दलीय है, कांग्रेस तीसरे नम्बर पर आने वाली है, यानी भाजपा जक्कू के बहाने कांग्रेस वोट बैंक में बंटवारा कर फायदा उठाने की जुगत में लगी हुई है।
जबकि जमीनी हकीकत से हर राजनीतिक का चाणक्य वाकिफ हैं,कि लडाई सीधी कांग्रेस और भाजपा में ही है।
और आने वाले चार दिन पूरी तरह दोनों पार्टियों के लिए अहम होने वाले हैं, भाजपा ने अपनी बड़ी टीम मैदान में उतार दी है,तो बेस्ड अकेले ही मैदान में जुटे हुए हैं।
इधर आम जनता और मीडिया से जुड़े जानकारों की मानें किच्छा में फिलहाल कांग्रेस भाजपा से कमजोर नहीं है।
मुकाबला पूरी तरह कांटे का नजर आ रहा और निर्दलीय प्रत्याशी अब्दुल रसीद जक्कू की दौड़ सबसे अहम साबित होने वाली,यादि मतदाताओं ने जक्कू को वोट कटूबा मानकर नाकार दिया तो फिर भाजपा के लिए किच्छा की सीट खतरें में पड़ जायेंगी।
फिर आने वाले चार दिन मतदाताओं का मन बदलने में दोनों पार्टियां कितनी सफल यह देखने वाली बात होगी।
इसको लेकर खबर धमाका हर दिन विश्लेषण पर विशेष रिपोर्ट दर्शकों के समाने देता रहेगा
क्रमशः

