शिक्षा, शोध एवं विज्ञान लोकप्रियकरण में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. भारत पाण्डेय का राष्ट्रीय सम्मान।ट्रेतायुग फाउंडेशन ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार–2026 के लिए किया चयन; नोबेल विजेता वैज्ञानिकों से विद्यार्थियों को जोड़ने, आईआईटी वर्चुअल लैब, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान
रानीखेत/अल्मोड़ा(खबर धमाका)। स्व. श्री जयदत्त वैला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत के रसायन विज्ञान विभाग में कार्यरत सहायक प्राध्यापक डॉ. भारत पाण्डेय का चयन प्रतिष्ठित ‘डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम नेशनल एक्सीलेंस अवार्ड–2026’ के लिए किया गया है। ट्रेतायुग फाउंडेशन द्वारा जारी पत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों, समर्पण तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों की सराहना करते हुए इस सम्मान के लिए चयन की जानकारी दी गई है। यह पुरस्कार पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के उपलक्ष्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों के योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रदान किया जाता है।
डॉ. पाण्डेय पिछले कई वर्षों से उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, विज्ञान लोकप्रियकरण एवं शैक्षणिक नवाचार के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। विशेष रूप से पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों, विश्वस्तरीय शोध एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं।
डॉ. पाण्डेय की प्रमुख उपलब्धियों में नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों तथा विश्वविख्यात शोधकर्ताओं के व्याख्यानों से विद्यार्थियों को जोड़ने की पहल विशेष महत्व रखती है। भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट, कोलकाता के सहयोग से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को भौतिकी के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. डेविड जे. वाइनलैंड, रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. मोर्टेन पी. मेल्डल तथा प्रो. एंथनी जे. लेगेट सहित अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के व्याख्यानों से जुड़ने का अवसर मिला। क्वांटम विज्ञान, ब्रह्मांड विज्ञान तथा आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से संबंधित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण सहयोग किया है।
डिजिटल प्रयोगात्मक शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. पाण्डेय का योगदान भी उल्लेखनीय रहा है। कोविड काल में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर में कार्यरत रहते हुए उन्होंने आईआईटी दिल्ली की वर्चुअल लैब के सहयोग से उत्तराखंड में एक अभिनव पहल की। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को आईआर, एनएमआर, मास स्पेक्ट्रोमेट्री तथा कॉलम क्रोमैटोग्राफी जैसी उन्नत प्रयोगात्मक तकनीकों से डिजिटल माध्यम से परिचित कराया गया। इस पहल को आईआईटी दिल्ली द्वारा सराहा गया तथा संबंधित डिजिटल संसाधनों पर एक लाख से अधिक विजिट दर्ज की गईं। वर्तमान में रानीखेत महाविद्यालय में भी वे आईआईटी बॉम्बे की वर्चुअल लैब गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगात्मक शिक्षा से जोड़ने के लिए कार्य कर रहे हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी डॉ. पाण्डेय निरंतर प्रयासरत हैं। यूकॉस्ट एवं विज्ञानशाला के सहयोग से संचालित SHE for STEM कार्यक्रम के अंतर्गत उनके मार्गदर्शन में रानीखेत महाविद्यालय की पाँच छात्राओं का एक्सेलेरेटर चरण के लिए चयन हुआ। इस कार्यक्रम के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्र की छात्राओं को वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार, नेतृत्व क्षमता एवं विज्ञान आधारित करियर के अवसरों के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है।
वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में डॉ. पाण्डेय प्राकृतिक उत्पाद रसायन एवं हिमालयी औषधीय पौधों पर शोध कार्य कर रहे हैं। उनके शोधपत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। वे सात पेटेंट से भी जुड़े रहे हैं। उनके शोध कार्यों में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के रासायनिक घटकों, रोगाणुरोधी तथा एंटीऑक्सीडेंट गुणों का अध्ययन प्रमुख रूप से शामिल है।
डॉ. पाण्डेय वर्तमान में महाविद्यालय के विज्ञान लोकप्रियकरण प्रकोष्ठ के समन्वयक, यूकॉस्ट के अल्मोड़ा जनपद समन्वयक, शोध प्रकोष्ठ के सह-समन्वयक तथा SHE for STEM कार्यक्रम के समन्वयक के रूप में विभिन्न शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उनके समन्वय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, वैज्ञानिक व्याख्यान, वर्चुअल लैब प्रशिक्षण, कार्यशालाएँ एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियाँ आयोजित की गई हैं। इन प्रयासों के माध्यम से वे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शोध संस्कृति तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
इससे पूर्व भी डॉ. पाण्डेय को शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा में आधुनिक तकनीक के उपयोग, वैज्ञानिक जागरूकता तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के प्रति उनकी सक्रियता उनके कार्यों की प्रमुख विशेषता रही है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पाण्डेय ने डॉ. भारत पाण्डेय के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि महाविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। डॉ. पाण्डेय द्वारा शिक्षण, शोध, वैज्ञानिक नवाचार एवं विद्यार्थियों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। इस प्रकार की उपलब्धियाँ महाविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को बढ़ाने के साथ-साथ अन्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को भी उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं।
डॉ. भारत पाण्डेय ने इस सम्मान के लिए चयन को अपने शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान, गुणवत्तापूर्ण प्रयोगात्मक शिक्षा, अनुसंधान के नवीन अवसरों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंचों से जोड़ना है, ताकि सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा विकसित करने और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकें।

