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उत्तराखंड

फूड इण्डस्ट्री स्थापित कर रहे उघौगपति पर लगा सरकारी चकरोड कब्जाने का आरोप।पीड़ित किसानों का आरोप,उघोगपति सीएम को अपना पाटर्नर बताकर कर रहा दबंगई। सीओं और एसडीएम को सौंपे शिकायतीपत्र।जमीन खरीद में काला धन लगाने की भी चल रही चर्चा।आरोपी पक्ष ने आरोपों को बताया निराधार 

रुद्रपुर(खबर धमाका)। रुद्रपुर के ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित हो रही फूड इण्डस्ट्री के स्वामी पर किसानों ने सरकारी चकरोड पर दबंगई के बल पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए सीओं सिटी और एसडीएम रुद्रपुर को शिकायती पत्र सौंपकर कार्यवाही की मांग की है। किसानों ने आरोप लगाया है कि फूड इण्डस्ट्री का स्वामी अपने आप को सीएम का पाटर्नर बता रहा है।इधर फूड इण्डस्ट्री के स्वामी द्वारा क्षेत्र में पिछले दिनों खरीदी गई 25 एकड़ से ज्यादा जमीन में काला धन खपाने की भी चर्चा है,इसको लेकर पीड़ित पक्ष जांच की मांग करने की तैयारी कर रहा है।

पूरे मामले मामले में फूड इण्डस्ट्री स्वामी पवन अग्रवाल ने आरोपी को झूठा बताया है।

बुधवार को नरपत नगर निवासी सोमनाथ बाठला पुत्र स्व० श्री लालचन्द,गुरबक्श लाल बाठला पुत्र स्व० श्री लालचन्द,दौलत राम पुत्र स्व० श्री ओम प्रकाश ने एसडीएम रुद्रपुर और सीओं सिटी को शिकायती पत्र सौंपा। पत्र में पवन कुमार अग्रवाल पुत्र श्री मुसद्दी लाल

अंकित अग्रवाल पुत्र श्री पवन कुमार अग्रवाल,श्रुति अग्रवाल पत्नी श्री अंकित अग्रवाल निवासीगण – 04 कल्याणी व्यू, नैनीताल मार्ग रूद्रपुर तहसील रूद्रपुर जिला उधमसिंह नगर पर आरोप लगाया कि तीनों मुख्यमंत्री को अपने उद्योग ‘मैसर्स शिव श्री फूड इण्डस्ट्री’ में अपना साझीदार / व्यवसायिक पार्टनर बताकर उन्हें धमकाने, प्रार्थीगण की अपनी भूमि उन्हें विक्रय करने के लिए दबाव बनाने तथा प्रार्थीगण के खेत के एक मात्र करीब लगभग 70 वर्ष पुराने सार्वजनिक रास्ते पर अवैध अतिक्रमण कर रास्ता बन्द कर रहे हैं।

शिकायत करने वालों का आरोप था उनकी नाम राजस्व ग्राम लम्बाखेडा तहसील रूद्रपुर जिला उधमसिंह नगर स्थित खतौनी संख्या-00083 खसरा संख्या-371ख रकवा 2.2100 हैक्टेयर एवं खसरा संख्या-372 रकवा 0.0030 हैक्टे० कुल रकवा 2.2130 हैक्टेयर एवं खतौनी संख्या-00293 खसरा संख्या-371क रकवा 0.9800 हैक्टेयर भूमि दर्ज चली आ रही है। करीब 50 वर्ष से अपनी उक्त भूमि में खेती करते आ रहे है। हमारी भूमि के दक्षिण दिशा में करीब 70 वर्ष पुराना सरकारी सार्वजनिक रास्ता है जो कि एक मात्र रास्ता प्रार्थीगण के खेत आने जाने के लिए है। उक्त रास्ता 1953 से राजस्व अभिलेखो में आज तक दर्ज चला आ रहा है।

पवन कुमार अग्रवाल व उसके परिवार ने उनकी भूमि के दक्षिण दिशा में कुछ कृषि भूमि खरीदी गयी है जो कि प्रार्थीगण के खेत को आने जाने वाले 14 फिट चौडे एक मात्र रास्ते के पूरब व पश्चिम दिशा में स्थित है।

आरोप है कि पवन अग्रवाल अपनी उक्त भूमि में मैसर्स शिव श्री फूड इण्डस्ट्रीज के नाम से इण्डस्ट्री लगाई जा रही है और प्रार्थीगण पर ही यह दबाव बनाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री उनके व्यवसायिक पार्टनर है और इस इण्डस्ट्री में मुख्यमंत्री धामी का पैसा लग रहा है और प्रार्थीगण अपनी भूमि उक्त विपक्षींगण को विक्रय कर दे, नहीं तो वह लोग प्रार्थीगण की भूमि का एक मात्र रास्ता बन्द कर उसमें कब्जा कर लेंगे।

आरोप है की विपक्षीओं ने कोर्ट में बाद दायर कर स्थागन आदेश लिया है,जो सिर्फ उनकी जमीन से सम्बंधित है,उसकी आड़ में आरोपी चकरोड को अपना बताकर उसे बंद कर रहा है। इस मामले की शिकायत वह पहले डीएम, मुख्यमंत्री समेत अन्य अधिकारियों से कर चुके हैं, इसके बाद भी रास्ते पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे साफ हो रहा कि कही न कही फैक्ट्री स्वामी का दावा सही है।

बताया जा रहा कि आरोपियों ने पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में 25 एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदी है, जिसकी कीमत 100 करोड़ के आस-पास बताई जा रही है। आरोपियों के पास इतना घना कहां से आया यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जमीन खरीद में काला धन खपाएं जाने की भी चर्चा है।

इधर फूड इण्डस्ट्री के पवन अग्रवाल का कहना कि जिस जमीन पर वह फैक्ट्री लगा रहे हैं,वहा पर कोई भी सरकारी रास्ता नहीं है।जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह भी निराधार है।