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उधमसिंह नगर

CCTV फुटेज से पकड़ी गई जन्मजात को जन्म देकर फेंकने वाली मां समेत तीन आरोपी।तीनों को हो सकती दस वर्ष की सजा,नवजात की भी मृत्यु।तीन दिन पहले कार के नीचे मिली थी बच्ची।

रुद्रपुर(खबर धमाका)। शहर कोतवाली की चौकी आदर्श कॉलोनी क्षेत्र में हुई अमानवीय और शर्मसार करने वाली नवजात बच्ची मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाली आरोपी माँ और उसकी मां,किराएदार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया। यहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार चल रहा नवजात की भी मृत्यु हो गई। सीओ सिटी विभव सैनी ने बताया कि नवजात पैदाइशी गंभीर बीमारी से ग्रसित थीं और डॉक्टरों ने हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी थीं,लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नही थी और लोक लज्जा का भय भी सत्ता रहा था और अभियुक्तों ने बच्ची को लावारिस हालत ने छोडने का फैसला लिया।हत्या के मकसद से नही ,बल्कि बच्ची को लावारिस छोड़ना ही मकसद था। ताकि कोई शख्स नवजात को अपना कर बेहतर उपचार कर सकें। उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर की शाम पुलिस ने इंदिरा कॉलोनी-सिंह कॉलोनी मुख्य मार्ग स्थित चर्च मार्ग पर खड़ी एक कार के नीचे से नवजात बच्ची को बरामद किया था और गभीर हालत में जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड के आईसीयू में भर्ती कराया गया था,लेकिन नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टर ने हल्द्वानी रेफर कर दिया ऒर चौकी प्रभारी प्रदीप पंत की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी। चौकी पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद संदिग्धों को चिन्हित किया और 19 अक्टूबर की सुबह मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने नवजात को जन्म देने वाली,नवजात की नानी और किराएदार मुनीश पाल निवासी आजाद नगर व मूलरूप से भगवंतपुरा शाहजहांपुर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों का कहना था कि नवजात का जन्म 16 अक्टूबर को यूपी के एक अस्पताल में हुआ था और पैदा होते ही नवजात को सास लेने सहित कई गंभीर बीमारी की शिकायत हुई। माँ-बेटी ने बच्ची को लावारिस छोड़ने की योजना बनाई और किराएदार को बाईक के साथ फेकने में अपना मददगार बनाया था। प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों का कबूलनामा था कि वह बच्ची को मारना नहीं,बल्कि लावारिस स्थिति में छोड़ने का मकसद था। ताकि कोई रहम दिल इंसान बच्चों को अपना कर उसका इलाज कराया सके। सीओ का कहना था कि यदि जाँच में अभियुक्तों को कहानी झूठी पाई जाती है या फिर किसी की भी भूमिका सामने आती हैं। तो पुलिस कठोर कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती नवजात की मृत्यु हो गई। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक नवजात को जन्म देने वाली महिला का विवाह नहीं हुआ। पुलिस टीम में चौकी प्रभारी प्रदीप पंत के अलावा एसआई जीवन सिंह अधिकारी, महिला कांस्टेबल अनीसा आर्या,हरीश रावत,नरेश जोशी आदि पुलिस कर्मी शामिल रहे।