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उधमसिंह नगर

निगम में कमीशन का खेल दे रहा भष्टाचार को वढाबा! साहब का विश्वासपात्र अधिकारी करता है पूरा खेल। विवादित टेंडरों में भी वर्क आर्डर से पहले ठेकेदारों से कमीशन मांगे जाने की चर्चा।

नरेन्द्र राठौर

रुद्रपुर। नगर निगम में हो रहे भष्टाचार के बीच कमीशन के बड़े खेल की चर्चाएं शुरू हो गयी है, बताया रहा है,की निर्माण संस्था से जुड़े एक अधिकारी ने ठेकेदारों से वर्क आर्डर देने से पहले आठ प्रतिशत कमीशन जमा करने की बात कही है,जिसे ठेकेदारों ने ठुकरा दिया है, निगम के विवादित टेंडर के 45 कामों में करीब 35 लाख रुपया की कमीशन इस अधिकारी के माध्यम से किस किस के पास पहुंचती है,यह जांच का विषय है, बताया जि रहा की इस अधिकारी का आने वाले दिनों में समय पूरा होने पर ट्रांसफर होने वाला है।

रुद्रपुर नगर में ईमानदारी की कसम खाने वाले जनप्रतिनिधि के कार्यकाल में क्या हो रहा है,यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है,अपने चहेते ठेके दिलाने के लिए पहले पूल कराने के आरोप लगे,तो इंद्रा चौक के सौंदर्यीकरण का टेंडर की हकीकत भी समाने आ चुकी है, निगम ने अपनी टेंडर सूची में इंद्रा चौक के सौंदर्यीकरण के लिए 5.66 लाख रुपया का इंस्टीमेंट बनाया गया था, लेकिन इस काम को डीडीए ने शुरू करा दिया, जिससे निगम के भष्टाचार की पोल खुल गयी, इधर अब जो चर्चाएं चल रही वह काफी हैरान करने वाली है, निगम के कुछ ठेकेदारों ने नाम न छापने की सर्त बताया की उनसे वर्क आर्डर देने से पहले 08 प्रतिशत कमीशन का भुगतान एडवांस में मांग जा रहा,इसे काम को निगम के निर्माण सैल का एक एक अधिकारी कर रहा है, बताया जाता की यह अधिकार काफी समय से निगम में डेरा डालकर भष्टाचार को बड़े पैमाने पर बाबा दे रहा। निगम के विवादित टेंडरों में करीब 4.5 करोड़ों रुपया का बजट खर्च होगा,इसकी कमीशन की बात करें तो यह करीब 35 लाख रुपया बनती है, सवाल यह की यह कमीशन किस किस पास जाती है। कमीशनखोरी की बजह से ही निगम में हो रहे खेल में सब चुप्पी साधे बैठे हैं, कागजों पर काम हो रहे हैं,तो आवाज उठाने वाले लोगों की बात पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है