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उधमसिंह नगर

एसटीएफ का बड़ा प्रहार: फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के विजन तथा पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता एवं सत्यता की जांच के उपरान्त दिनांक 04-06-2026 को जनपद ऊधमसिंह नगर की काशीपुर कोतवाली में FIR No 213/2026 u/s 318(4), 338,336(3),340,61(2), 3(5),111 BNS 2023 पंजीकृत कराया गया था।

​इसी मुकदमें की विवेचना के क्रम में आज दिनांक 23/06/26 को काशीपुर में पंजीकृत अभियोग से सम्बन्धित मुख्य सरगना/मास्टरमाइन्ड सतानन्द शर्मा को थाना रुद्रपुर जनपद ऊधमसिंह नगर से गिरफ्तार किया गया है।

​📌 गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण:
​नाम व पता: सतानन्द शर्मा पुत्र रामाधर शर्मा, निवासी – ग्राम-अनावा, थाना-पुंवाया, जिला-शाहजंहापुर, उत्तर प्रदेश।

​⚙️ मोडस ऑपेरंडी (अपराध करने का तरीका):
इसका अपराध करने का तरीका निम्न प्रकार था:
​फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करना: अभियुक्त सतानन्द शर्मा द्वारा फर्जी व कूटरचित तरीके से शस्त्र लाइसेंस तैयार कर अवैध धनराशि प्राप्त की जाती थी।

​स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल: जनपद ऊधमसिंह नगर में बड़ी संख्या में यह लाइसेंस सौरभ अग्रवाल तथा उसके भाई गौरव अग्रवाल के माध्यम से बनवाकर डिलीवर किए गए।

​सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर: आरोपी जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय शाहजहांपुर (उ0प्र0) में काम करने वाले संविदाकर्मियों से मिलकर पुराने UIN (Unique Identification Number) नम्बर, जिनका रिकॉर्ड जनपद शाहजहाँपुर से गायब हो चुका था, उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी तरीके से अपलोड करा देता था।

​वित्तीय लेन-देन: अभियुक्त द्वारा अपने बैंक खाते में सौरभ अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, करन सिंह, जतिन कांडपाल, शुभम अग्रवाल तथा अन्य कई लोगों से (जिनके शस्त्र लाइसेंस बनवाये गये हैं) मोटी धनराशि प्राप्त की गई है। इस गिरोह से जुड़े कई अन्य लोगों की जानकारी भी एसटीएफ को प्राप्त हुई है।
​💰 अवैध कारोबार से अर्जित धनराशि:
​अभियुक्त सतानन्द के बैंक खाते की जांच में अवैध असलहों के इस कूटरचित लाइसेंस कारोबार से करीब एक करोड़ सत्तर लाख रुपये (₹1,70,00,000/-) की भारी धनराशि प्राप्त होने के साक्ष्य मिले हैं।

​🗂️ अभियुक्त का आपराधिक इतिहास:
​गिरफ्तार मास्टरमाइंड सतानन्द शर्मा के विरुद्ध उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने व अन्य गंभीर धाराओं में पूर्व से ही निम्नलिखित अभियोग पंजीकृत हैं (जिनका प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है):
​FIR NO 1681/2019 u/s 420, 467, 468, 471, 120B भादवि – थाना कविनगर, जिला गाजियाबाद (उ0प्र0)
​FIR NO 635/2019 u/s 420, 467, 468, 471 भादवि – थाना पुवायां, जिला शाहजहांपुर (उ0प्र0)
​FIR NO 2110/2019 u/s 2/3 गैंगस्टर अधिनियम – थाना कविनगर, जिला गाजियाबाद (उ0प्र0) (जिसमें यह पूर्व में जेल भेजा जा चुका है)

​📊 एसटीएफ की अब तक की कुल कार्रवाई व बरामदगी:
​एसएसपी एसटीएफ की क्लोज मॉनिटरिंग में एसटीएफ की कई टीमें इस पूरे रैकेट पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब तक इस प्रकरण में 03 अभियोग पंजीकृत कराकर कुल 09 अभियुक्तों को जेल भेजा जा चुका है।

इनके पास से निम्नलिखित अवैध सामग्री बरामद की गई है:
​कुल बरामद शस्त्र: 14 अवैध शस्त्र (02 ऑटोमैटिक पम्प एक्शन गन, 02 रायफल, 09 पिस्टल तथा 01 रिवॉल्वर)
​कारतूस: 355 जिन्दा कारतूस

​दस्तावेज: कई फर्जी व कूटरचित शस्त्र लाइसेंस

​👮‍♂️ कार्रवाई को अंजाम देने वाली एसटीएफ टीम:
​मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी और इस सफल ऑपरेशन में निम्नलिखित टीम शामिल रही:
​निरीक्षक विकास चौधरी
​निरीक्षक अरुण कुमार
​उ0नि0 विपिन चन्द्र जोशी
​उ0नि0 कृष्ण गोपाल मठपाल
​हे0 का0 रविन्द्र सिह बिष्ट
​हे0 का0 महेन्द्र गिरी
​कानि0 रवि बोरा
​कानि0 जितेन्द्र कुमार
​किशन चन्द्र शर्मा (सर्विलांस)
​हे0कानि0 सुरेन्द्र कनवाल (सर्विलांस)

​⚠️ एसएसपी एसटीएफ की सख्त चेतावनी व आमजन से अपील:
​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों और उनके धारकों का गहन सत्यापन जारी है।

​🚨 सरेंडर की चेतावनी: “बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनाकर उत्तराखंड में अवैध शस्त्र लेकर, उन्हें यहाँ सही दर्ज करवाकर इस्तेमाल करने वाले सभी लोग स्पेशल टास्क फोर्स के रडार पर हैं। ऐसे फर्जी शस्त्र धारक अभी भी स्वयं और अपना वेपन (हथियार) पुलिस के सामने सरेंडर कर सकते हैं।

​🛑 जीरो टॉलरेंस नीति: फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरा हैं। इस पर उत्तराखंड पुलिस “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत आगे भी लगातार कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रखेगी।

​🤝 सूचना देने की अपील: यदि किसी भी नागरिक को फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल एसटीएफ को अवगत कराएं। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।

​📞 एसटीएफ संपर्क सूत्र (मो. नं.): 9412029536

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